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📉 श्रीगंगानगर में 18 नवंबर को सोने के भाव में गिरावट: निवेशकों को राहत

मंगलवार, 18 नवंबर 2025 को श्रीगंगानगर के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। दिवाली और त्योहारी सीज़न के बाद आमतौर पर बाजार में जो स्थिरता आती है, उसके बीच यह गिरावट निवेशकों और उपभोक्ताओं, दोनों के लिए थोड़ी राहत लेकर आई है। श्रीगंगानगर, जो अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय दोनों तरह के बाजार रुझानों से प्रभावित होता है, वहाँ सोने का भाव कल के मुकाबले कम हुआ है।

📊 आज का विस्तृत भाव (18 नवंबर 2025)

 

आंकड़ों के अनुसार, 18 नवंबर को श्रीगंगानगर में सोने के भाव इस प्रकार रहे:

सोने का प्रकार प्रति 10 ग्राम कीमत कल के मुकाबले बदलाव (लगभग)
24 कैरेट सोना (शुद्ध सोना) ₹129,029 0.68% की गिरावट
22 कैरेट सोना (आभूषण सोना) ₹118,870 0.68% की गिरावट

यह गिरावट कल के भाव की तुलना में 0.68% के लगभग है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से निवेश और सिक्कों/बुलियन में किया जाता है, जबकि 22 कैरेट सोने का उपयोग आभूषण बनाने में किया जाता है।

📉 कीमतों में गिरावट का कारण

 

सोने के भाव में इस मामूली गिरावट के पीछे कई अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं:

  • अंतर्राष्ट्रीय बाजार का रुझान: वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में आई वृद्धि के कारण अक्सर सोने की कीमतों पर दबाव पड़ता है। यदि उस दिन वैश्विक इक्विटी बाजार मजबूत रहा हो, तो सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोने की मांग कम हो जाती है।

  • घरेलू माँग में नरमी: त्योहारी सीजन (जैसे धनतेरस और दिवाली) के खत्म होने के बाद स्थानीय मांग में थोड़ी कमी आती है। मांग कम होने से कीमतों में हल्का सुधार या गिरावट देखने को मिलती है।

  • आरबीआई की नीतियाँ: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों पर लिए गए फैसलों का भी स्थानीय सोने के भाव पर अप्रत्यक्ष असर पड़ता है।

🌟 उपभोक्ताओं और निवेशकों पर असर

 

सोने के भाव में आई यह गिरावट उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छा अवसर हो सकती है जो लंबे समय से सोने के आभूषण खरीदने की योजना बना रहे थे। 0.68% की गिरावट उन्हें थोड़ी बचत करने का मौका देती है। वहीं, निवेशकों के लिए, जो उच्च कीमतों के कारण निवेश से कतरा रहे थे, यह एक मौका हो सकता है कि वे थोड़ा और इंतजार करें या इस गिरावट का फायदा उठाकर छोटी मात्रा में सोने में निवेश करें।

सर्राफा विशेषज्ञों का मानना है कि सोने के भाव में यह गिरावट एक अस्थायी सुधार हो सकती है। लंबी अवधि में, भू-राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण सोने में तेजी बने रहने की संभावना है। हालांकि, बाजार की अस्थिरता को देखते हुए, उपभोक्ताओं और निवेशकों को खरीददारी से पहले वर्तमान रुझानों पर ध्यान देना चाहिए।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️