
श्री गंगानगर। टांटिया समूह के शिक्षण संस्थान में पशु चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई कर रही एक छात्रा ने कल देर रात (28 नवंबर) अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना से पूरे शिक्षण संस्थान और श्रीगंगानगर शहर में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलने पर, अन्य छात्रों ने फंदे से उतारकर छात्रा को तत्काल जन सेवा अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।
देर रात हुई घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना गुरुवार (28 नवंबर) की देर रात की है। छात्रा, जो पशु चिकित्सा विज्ञान (Veterinary Science) पाठ्यक्रम की स्टूडेंट थी, संभवतः अपने कमरे में अकेली थी। रात के समय जब उसके साथी छात्रों ने उसे कमरे में संदिग्ध अवस्था में देखा, तो उन्होंने तुरंत दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया।
छात्रा को फंदे से उतारने के बाद, बिना समय गंवाए उसे इलाज के लिए शहर के प्रतिष्ठित जन सेवा अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर, ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों की टीम ने गहन जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
पुलिस जांच और कारणों की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर उसे राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवा दिया है। आज (29 नवंबर) सुबह छात्रा के परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि छात्रा ने यह चरम कदम क्यों उठाया? शुरुआती जांच में आत्महत्या के पीछे के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। पुलिस छात्रा के कमरे की तलाशी ले रही है ताकि कोई सुसाइड नोट या अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकें।
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पुलिस सबसे पहले छात्रा के सहपाठियों और हॉस्टल प्रबंधन से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि क्या वह किसी तरह के तनाव, डिप्रेशन, या शैक्षणिक दबाव से गुजर रही थी।
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इसके अलावा, छात्रा के मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स की भी जांच की जा सकती है, जिससे यह पता चल सके कि आत्महत्या से पहले उसने किसी से बात की थी या नहीं।
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जांच का एक मुख्य बिंदु यह भी है कि क्या कॉलेज या हॉस्टल में किसी तरह का रैगिंग या अन्य कोई उत्पीड़न था, जिसने उसे इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया।
शैक्षणिक समुदाय में शोक
छात्रा की आत्महत्या की खबर सुनते ही टांटिया समूह के शिक्षण संस्थान में शोक की लहर दौड़ गई है। साथी छात्र स्तब्ध और दुखी हैं। संस्थान के प्रबंधन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और पुलिस जांच में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है।
यह घटना एक बार फिर छात्रों में बढ़ रहे मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों और शैक्षणिक दबाव की ओर ध्यान आकर्षित करती है। पुलिस का कहना है कि वे हर पहलू की जांच कर रहे हैं और जल्द ही आत्महत्या के असली कारणों का खुलासा किया जाएगा।