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🏗️ सीमावर्ती गाँवों के लिए वरदान: थार सीमा क्षेत्र विकास योजना के तहत श्रीगंगानगर को मिले ₹59 करोड़

राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास योजना के तहत श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती गाँवों के समग्र विकास के लिए एक बड़ी सौगात दी है। पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सरहद से सटे इस जिले के विकास को गति देने के लिए लगभग 59 करोड़ रुपये (₹59 करोड़) की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। यह ऐतिहासिक कदम सीमा पर बसे नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

 

योजना का मुख्य उद्देश्य और कवरेज

 

थार सीमा क्षेत्र विकास योजना का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना, रोजगार के अवसर पैदा करना और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन क्षेत्रों में स्थानीय लोगों की भागीदारी और जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाना है।

यह स्वीकृत राशि श्रीगंगानगर जिले की सात प्रमुख पंचायत समितियों के कुल 842 गाँवों को लाभान्वित करेगी। इन गाँवों में रहने वाली बड़ी आबादी को अब बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और संपर्क सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा, जिससे पलायन की समस्या भी कम होने की उम्मीद है।

 

427 कार्यों को मिलेगी गति

 

₹59 करोड़ की इस बड़ी राशि का उपयोग विभिन्न विकास कार्यों को पूरा करने में किया जाएगा। योजना के तहत, कुल 427 निर्माण कार्य करवाए जाने की स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों को विभिन्न महत्वपूर्ण सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जो इस प्रकार हैं:

  • शिक्षा: स्कूलों में नए कमरों का निर्माण, चारदीवारी और शौचालयों का निर्माण करके शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाया जाएगा।
  • स्वास्थ्य: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों के निर्माण या उन्नयन से सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित की जाएगी।
  • पेयजल: पेयजल परियोजनाओं और पानी की टंकियों के निर्माण से स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जो इस रेगिस्तानी क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • सड़क संपर्क: गाँवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने और आंतरिक सड़कों की मरम्मत व निर्माण से आवागमन आसान होगा।
  • ऊर्जा और कृषि: कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बिजली और सिंचाई से संबंधित कार्य किए जाएंगे।
  • महिला सशक्तीकरण: महिला विकास से संबंधित गतिविधियों और सामुदायिक केंद्रों के निर्माण पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

 

विकास को मिलेगी नई दिशा

 

यह योजना केवल निर्माण कार्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह सीमावर्ती गाँवों में विकास की एक नई लहर लाने का प्रयास है। बेहतर सड़कें, स्कूल और अस्पताल मिलने से इन क्षेत्रों का सामाजिक और आर्थिक उत्थान होगा। सीमा पर रहने वाले नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलने से उनका मनोबल भी मजबूत होगा, जो देश की सुरक्षा की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है।

जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इन विकास कार्यों को पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि जल्द से जल्द इन गाँवों के लोगों को योजना का लाभ मिल सके। यह ₹59 करोड़ की स्वीकृति वास्तव में श्रीगंगानगर के सीमांत गाँवों के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकती है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️