
श्रीगंगानगर। शिक्षा और संस्कृति के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए, श्रीगंगानगर जिले के जयतसर गाँव स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में रविवार, 9 नवंबर 2025 को एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ‘सनातन फ्रंट’ नामक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन द्वारा आयोजित ‘मेगा जीके प्रतियोगिता’ का पुरस्कार वितरण समारोह था।
ज्ञान और संस्कृति का संगम
समारोह का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जोड़ना था। प्रतियोगिता में मुख्य रूप से तीन विषयों पर फोकस किया गया था:
- सनातन संस्कृति: भारतीय धर्म, दर्शन, और जीवन मूल्यों पर आधारित प्रश्न।
- राजस्थान की संस्कृति: प्रदेश की लोक कला, परंपराओं, वेशभूषा, और त्योहारों से संबंधित जानकारी।
- इतिहास: राजस्थान के शौर्यपूर्ण इतिहास, प्रमुख युद्धों, और ऐतिहासिक स्थलों से जुड़े तथ्य।
यह प्रतियोगिता क्षेत्र के सैकड़ों स्कूली विद्यार्थियों के बीच आयोजित की गई थी, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी सामान्य ज्ञान की क्षमता का प्रदर्शन किया।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
पुरस्कार वितरण समारोह में क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों (Dignitaries) ने हिस्सा लिया, जिन्होंने न केवल विजेताओं को सम्मानित किया, बल्कि अपने प्रेरणादायक विचारों से छात्रों का मार्गदर्शन भी किया।
- मुख्य अतिथि: स्थानीय विधायक और शिक्षाविद।
- विशिष्ट अतिथि: विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रमुख और ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएँ बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने जोर दिया कि आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना विकसित करने में सांस्कृतिक और ऐतिहासिक ज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
पुरस्कार और सम्मान
समारोह में प्रतियोगिता के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार, मेडल और प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष नकद पुरस्कार और स्मृति चिन्ह दिए गए।
‘सनातन फ्रंट’ के आयोजकों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों में अपनी विरासत के प्रति गर्व की भावना पैदा करना है। उन्होंने घोषणा की कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन नियमित रूप से किए जाएंगे ताकि बच्चों की प्रतिभा को मंच मिल सके।
यह सफल आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणास्रोत बना, बल्कि इसने जयतसर गाँव और श्रीगंगानगर जिले में शिक्षा और सांस्कृतिक जागरूकता के महत्व को भी रेखांकित किया।