
मंगलवार, 16 दिसंबर 2025 की सुबह श्री गंगानगर और इसके निकटवर्ती सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भारी परेशानी लेकर आई, जब घने कोहरे (Dense Fog) की मोटी परत ने पूरे इलाके को अपनी आगोश में ले लिया। इस मौसमी बदलाव ने शहर के सामान्य जीवन और दैनिक गतिविधियों को बुरी तरह प्रभावित किया है।
पश्चिमी विक्षोभ के बाद कोहरे का लौटना
यह घना कोहरा मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के समाप्त होने के बाद वायुमंडल में आई नमी और शीतलन (Cooling) का परिणाम है। विक्षोभ के दौरान मौसम साफ था, लेकिन उसके हटने के तुरंत बाद, उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में ठंडी हवा और ज़मीन की सतह के पास नमी के जमाव ने कोहरे के बनने के लिए आदर्श परिस्थितियाँ पैदा कर दीं।
विज़िबिलिटी 5 मीटर तक गिरी: यातायात हुआ ठप
कोहरे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सुबह के शुरुआती घंटों में विज़िबिलिटी (दृश्यता) अभूतपूर्व रूप से गिरकर महज़ 5 मीटर तक पहुँच गई। 5 मीटर की विज़िबिलिटी का अर्थ है कि चालक या राहगीर अपने से सिर्फ पाँच कदम दूर की वस्तु को ही मुश्किल से देख पा रहे थे। इस खतरनाक स्थिति ने ज़िला प्रशासन को तुरंत अलर्ट मोड पर ला दिया।
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सड़क यातायात पर असर: राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways) और क्षेत्रीय सड़कों पर गाड़ियों की रफ़्तार शून्य के करीब पहुँच गई। भारी मालवाहक वाहनों को सड़कों के किनारे खड़ा कर दिया गया, जबकि छोटी गाड़ियाँ हेडलाइट्स, फॉग लाइट्स और आपातकालीन फ्लैशर्स का उपयोग करते हुए बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रही थीं। कई स्कूलों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बसों के संचालन के समय में बदलाव किया या उन्हें रद्द कर दिया।
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ट्रेन संचालन में देरी: कोहरे ने रेलवे की समय-सारणी को भी बाधित कर दिया। कई लंबी दूरी की एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटों की देरी से चल रही थीं, जिससे यात्रियों को कड़ाके की ठंड में स्टेशन पर इंतज़ार करना पड़ा।
किसानों और आम लोगों की मुश्किलें
इस कोहरे का प्रभाव केवल यातायात पर ही नहीं पड़ा है, बल्कि इसने स्थानीय किसानों और दैनिक मज़दूरी करने वाले लोगों की रोज़ी-रोटी पर भी असर डाला है।
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कृषि पर प्रभाव: यद्यपि गेहूँ और सरसों की रबी की फसलों के लिए कोहरा और हल्की नमी फायदेमंद हो सकती है, लेकिन अत्यधिक घना और लगातार रहने वाला कोहरा, जिसे ‘सफ़ेद पाला’ भी कहा जाता है, सब्जियों और फलदार पौधों को नुकसान पहुँचा सकता है। किसान इस बात से चिंतित हैं कि तापमान में और गिरावट से उनकी फसलों को पाले का खतरा हो सकता है।
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स्वास्थ्य जोखिम: बुजुर्गों और बच्चों में ठंड और कोहरे के कारण साँस संबंधी बीमारियों और वायरल इन्फेक्शन के मामले बढ़ गए हैं। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीज़ों की संख्या में वृद्धि देखी गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी
स्थानीय मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए श्री गंगानगर और हनुमानगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी (Alert) जारी की है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और यदि गाड़ी चला रहे हों तो अत्यधिक सावधानी बरतें। साथ ही, ट्रेन यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों की नवीनतम स्थिति की जानकारी ज़रूर ले लें।
संक्षेप में, श्री गंगानगर इस समय सर्दियों के सबसे कठिन दौर से गुज़र रहा है, जहाँ कोहरे की मोटी परत ने सामान्य जीवन की गति को थाम सा दिया है। प्रशासन और स्थानीय नागरिक दोनों ही मिलकर इस मौसमी चुनौती का सामना कर रहे हैं।