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🇮🇳 सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता: श्रीगंगानगर बॉर्डर पर सख्त प्रतिबंध लागू

राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, श्रीगंगानगर जिला प्रशासन ने भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) से सटे तीन किलोमीटर के संवेदनशील दायरे में तत्काल प्रभाव से कई महत्वपूर्ण और सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। ये आदेश आगामी दो महीनों तक प्रभावी रहेंगे और इनका उद्देश्य सीमा पार की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखना तथा किसी भी प्रकार की राष्ट्र विरोधी गतिविधि को रोकना है। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) डॉ. मंजू ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा $144$ के तहत ये आदेश जारी किए हैं, जो क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को विशेष शक्तियां प्रदान करते हैं।

इन प्रतिबंधों में सबसे महत्वपूर्ण कदम रात्रि कर्फ्यू का कार्यान्वयन है। अब सीमा क्षेत्र में शाम 7 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक आम नागरिकों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस अवधि के दौरान, किसी भी नागरिक को बिना वैध कारण और प्रशासनिक अनुमति के सीमावर्ती गांवों के बाहर या तीन किलोमीटर के दायरे में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम अंधेरे का फायदा उठाकर होने वाली घुसपैठ, तस्करी या अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए उठाया गया है।

हालांकि, इन क्षेत्रों में रहने वाले किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए, उनके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। जिन किसानों की कृषि भूमि सीमा बाड़ के पास या प्रतिबंधित क्षेत्र में है, उन्हें अपनी फसल की देखरेख और खेती के काम के लिए आवश्यक अनुमति लेनी होगी। यह अनुमति ग्राम पंचायत, संबंधित पुलिस स्टेशन और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के समन्वय से जारी की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कृषि कार्य प्रभावित न हो और सुरक्षा मानकों का भी पालन हो। किसानों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे निर्धारित समय-सीमा का पालन करें और शाम होते ही अपने खेतों से वापस लौट आएं।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक अन्य महत्वपूर्ण प्रतिबंध पाकिस्तानी लोकल सिम कार्डों के उपयोग पर लगाया गया है। सीमावर्ती श्रीगंगानगर क्षेत्र में कई स्थानों पर पाकिस्तानी मोबाइल नेटवर्क सिग्नल की उपलब्धता पाई जाती है। इसका फायदा उठाकर राष्ट्र विरोधी तत्व सीमा पार संचार स्थापित कर सकते हैं। इसलिए, जिला मजिस्ट्रेट ने पाकिस्तानी सिम के उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी सिम कार्ड का उपयोग न करें और यदि वे किसी व्यक्ति को इसका उपयोग करते देखते हैं तो तुरंत पुलिस या BSF को सूचित करें। यह कदम जासूसी और सीमा पार आतंकवाद के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इन प्रमुख प्रतिबंधों के अलावा, डीएम ने कई अन्य गतिविधियों पर भी रोक लगाई है जो सुरक्षा व्यवस्था को भंग कर सकती हैं या संदिग्धों को संकेत दे सकती हैं। इनमें तेज रोशनी वाले उपकरण, सर्च लाइट्स, तेज ध्वनि वाले पटाखों, बैंड, या डीजे जैसे ध्वनि यंत्रों का उपयोग शामिल है। ये सभी चीजें किसी भी संदिग्ध गतिविधि के लिए संकेत देने या ध्यान भटकाने का काम कर सकती हैं, इसलिए सीमा से सटी आबादी को इस संबंध में सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

संक्षेप में, श्रीगंगानगर जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए ये सख्त प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और किसी भी संभावित खतरे को पहले ही विफल करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। प्रशासन ने सीमा क्षेत्र के निवासियों से इन आदेशों का सख्ती से पालन करने और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की है ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी रहे।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️