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❄️ उत्तरी हवाओं का असर: श्रीगंगानगर में सर्दी का सितम बढ़ा, पारा गिरा

श्रीगंगानगर, राजस्थान। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे और उत्तरी राजस्थान का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले श्रीगंगानगर जिले में सर्दी का जोर तेजी से बढ़ता जा रहा है। 10 नवंबर 2025 को शहर में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिसने लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाओं के लगातार प्रवाह ने मौसम के मिजाज को पूरी तरह बदल दिया है।

 

न्यूनतम तापमान में गिरावट

 

मौसम विभाग के स्थानीय केंद्र के अनुसार, 10 नवंबर को श्रीगंगानगर में न्यूनतम तापमान पिछले दिनों की तुलना में और नीचे लुढ़क गया। तापमान में इस गिरावट के कारण दिन के समय भी लोगों को हल्की ठंडक का अहसास हुआ, जबकि शाम होते ही गलन और बढ़ गई। सूरज ढलने के साथ ही हवा में मौजूद नमी और ठंडी हवाओं के मेल से सर्दी का प्रभाव दोगुना हो गया।

 

शुष्क मौसम और शीतलहर की आहट

 

फिलहाल, जिले में मौसम शुष्क बना हुआ है, यानी बारिश या बादलों की कोई संभावना नहीं है। यही शुष्क मौसम और हिमालय की तरफ से आ रही तेज उत्तरी हवाएँ, तापमान को नीचे खींचने में मुख्य भूमिका निभा रही हैं।

तापमान का पूर्वानुमान: मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए शीतलहर (Cold Wave) जैसी स्थिति की चेतावनी नहीं दी है, लेकिन यह अनुमान लगाया है कि न्यूनतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट आ सकती है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है, तो नवंबर के दूसरे सप्ताह में ही श्रीगंगानगर का न्यूनतम तापमान सिंगल डिजिट (10°C से नीचे) में पहुँच सकता है।

 

जनजीवन पर असर

 

ठंड बढ़ने से श्रीगंगानगर के जनजीवन पर असर दिखने लगा है:

  • सुबह की गतिविधियां: सुबह के समय पार्क और सार्वजनिक स्थानों पर चहल-पहल कम हो गई है। लोग धूप निकलने के बाद ही घरों से बाहर निकलना पसंद कर रहे हैं।
  • यातायात: देर शाम और सुबह के समय कोहरे (Fog) की हल्की परत दिखाई देने लगी है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर, जिससे यातायात थोड़ा प्रभावित हुआ है।
  • स्वास्थ्य: अचानक मौसम में आए बदलाव के कारण सर्दी, खांसी और फ्लू के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है।

 

किसानों के लिए सलाह

 

तापमान में यह गिरावट रबी की फसलों के लिए अनुकूल मानी जाती है, खासकर गेहूं और सरसों की बुवाई के लिए यह मौसम लाभदायक है। हालांकि, किसानों को सलाह दी गई है कि वे पाला (Frost) पड़ने की संभावित स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक उपाय करें, यदि तापमान अत्यधिक गिरता है।

स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे ठंड से बचने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और विशेष रूप से रात के समय यात्रा करने से बचें।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️