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✈️ वैश्विक आकांक्षाएं: श्रीगंगानगर के युवाओं में ‘परदेस’ जाने की होड़, रिकॉर्ड तोड़ रहे पासपोर्ट आवेदन

राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर से एक महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक रुझान सामने आया है: यहाँ के युवाओं में बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाने की होड़ मची हुई है। पासपोर्ट सेवा केंद्र से प्राप्त आँकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि पासपोर्ट आवेदनों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, जो इस क्षेत्र की युवा पीढ़ी के बढ़ते वैश्विक सपनों का स्पष्ट संकेत है।

 

📈 20,000 से अधिक वार्षिक आवेदन

 

रिपोर्ट के अनुसार, श्रीगंगानगर पासपोर्ट सेवा केंद्र पर हर साल 20,000 से अधिक नए पासपोर्ट आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। यह संख्या न केवल इस बात को दर्शाती है कि शहर की एक बड़ी आबादी अब अंतर्राष्ट्रीय यात्रा और अवसरों के लिए तैयार हो रही है, बल्कि यह भी बताती है कि युवाओं की आकांक्षाएं अब केवल स्थानीय या राष्ट्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं हैं।

इन आवेदनों में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इनमें से लगभग 90% आवेदक 25 साल से कम उम्र के युवा हैं। यह आँकड़ा स्पष्ट करता है कि स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद या यहाँ तक कि उससे पहले ही, बड़ी संख्या में युवा विदेश में उच्च शिक्षा, बेहतर रोजगार या स्थायी निवास की तलाश में निकल रहे हैं।

 

🌍 विदेश जाने के मुख्य कारण

 

श्रीगंगानगर के युवाओं के बीच ‘परदेस’ जाने की इस बढ़ती प्रवृत्ति के पीछे कई कारण हैं:

  1. बेहतर शिक्षा के अवसर: कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और यूरोपीय देशों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और आसान वर्क परमिट की उपलब्धता युवाओं को आकर्षित कर रही है।
  2. रोजगार की तलाश: स्थानीय और राज्य स्तर पर रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवा विदेशों में उच्च आय और बेहतर जीवनशैली की उम्मीद कर रहे हैं।
  3. पारिवारिक प्रभाव: पंजाब से सटे होने के कारण, जहाँ अंतर्राष्ट्रीय प्रवास का चलन दशकों से रहा है, श्रीगंगानगर के युवा भी अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों के सफल विदेशी अनुभवों से प्रेरित हो रहे हैं।
  4. कृषि संकट और विकल्प: कृषि पर निर्भरता कम करने और अन्य क्षेत्रों में करियर बनाने की इच्छा भी कई युवाओं को विदेश ले जा रही है।

 

🏘️ समाज पर प्रभाव

 

युवाओं के इस बड़े पैमाने पर पलायन का श्रीगंगानगर के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने पर दोहरा प्रभाव पड़ रहा है:

  • सकारात्मक: विदेश से आने वाला रेमिटेंस (धन प्रेषण) स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है और परिवारों के जीवन स्तर में सुधार कर रहा है।
  • नकारात्मक: प्रतिभाशाली और प्रशिक्षित युवाओं के एक बड़े हिस्से का देश छोड़कर जाना, जिसे “ब्रेन ड्रेन” कहा जाता है, स्थानीय उद्योग और विकास के लिए मानव संसाधन की कमी पैदा कर रहा है।

यह प्रवृत्ति सरकार और स्थानीय प्रशासकों के लिए एक चुनौती भी है कि वे जिले में ऐसे अवसर पैदा करें जो युवाओं को अपनी प्रतिभा का उपयोग यहीं करने के लिए प्रेरित कर सकें। फिलहाल, श्रीगंगानगर की युवा पीढ़ी अपने पासपोर्ट को ‘वैश्विक सपनों की चाबी’ मानकर आगे बढ़ रही है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️