
पंजाब के लुधियाना में हुए आतंकी मुठभेड़ (एनकाउंटर) में घायल हुए श्रीगंगानगर जिले के गाँव ताखरावाली निवासी संदिग्ध आतंकी रामलाल के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में जब से श्रीगंगानगर का नाम जुड़ा है, स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियाँ पूरी तरह से सक्रिय हो गई हैं। 22 नवंबर को, स्थानीय पुलिस की एक टीम रामलाल के पैतृक घर ताखरावाली पहुँची, जहाँ उन्होंने परिवार के सदस्यों से गहन पूछताछ की।
🏡 परिवार का पक्ष: धार्मिक और निर्दोष होने का दावा
पुलिस की टीम जब पूछताछ के लिए रामलाल के घर पहुँची, तो वहाँ भावनात्मक और तनावपूर्ण माहौल बन गया। रामलाल की माँ ने स्थानीय मीडिया के सामने आकर एक बेहद मार्मिक और कड़ा बयान दिया। उन्होंने दृढ़ता से यह दावा किया कि उनका बेटा कतई आतंकी नहीं है और वह निर्दोष है।
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धार्मिक प्रवृत्ति: माँ ने बताया कि रामलाल बचपन से ही धार्मिक कार्यों से जुड़ा रहा है। वह धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था और कभी भी किसी आपराधिक या राष्ट्र-विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं रहा। उन्होंने कहा कि उनका बेटा कभी भी हिंसा की बात नहीं करता था।
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‘फँसाने’ का आरोप: रामलाल की माँ ने पुलिस पर सीधे और गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को बहला-फुसलाकर ले जाया गया और जानबूझकर एक झूठे मामले में फँसाया जा रहा है। परिवार का कहना है कि यह कोई साजिश है जिसके तहत उनके बेटे की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनका बेटा वास्तव में किसी गलत काम में शामिल होता, तो वे खुद उसे पुलिस के हवाले कर देते।
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न्याय की माँग: परिवार ने सरकार और न्यायपालिका से अपील की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जाँच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
👮 पुलिस की कार्रवाई और समन्वय
रामलाल के परिवार के इन सनसनीखेज आरोपों के बावजूद, श्रीगंगानगर पुलिस अपने स्तर पर इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
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दावों की जाँच: स्थानीय पुलिस ने रामलाल के परिवार और गाँव के अन्य लोगों से पूछताछ कर परिवार के दावों की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रामलाल के धार्मिक कार्यों में कौन-कौन शामिल थे और क्या हाल के दिनों में उसकी जीवनशैली या गतिविधियों में कोई संदिग्ध बदलाव आया था।
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नेटवर्क की तलाश: पुलिस का मुख्य फोकस रामलाल के स्थानीय संपर्कों और पूरे आतंकी नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचना है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या श्रीगंगानगर में कोई अन्य व्यक्ति भी इस आतंकी मॉड्यूल या गैंगस्टर गठजोड़ (जैसा कि लुधियाना पुलिस ने दावा किया है) से जुड़ा हुआ है।
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लुधियाना पुलिस से समन्वय: श्रीगंगानगर पुलिस ने अपनी एक विशेष टीम को जाँच में तालमेल बिठाने के लिए लुधियाना पुलिस के पास भेजा है। दोनों राज्यों की पुलिस टीमें अब खुफिया जानकारी (Intelligence), तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) और मोबाइल डेटा का आदान-प्रदान करेंगी ताकि इस पूरे मामले की परतें खोली जा सकें और सीमा पार के हैंडलर जसवीर उर्फ चौधरी तक पहुँचा जा सके।
इस मामले में परिवार का भावनात्मक प्रतिरोध और पुलिस की सक्रिय जाँच, श्रीगंगानगर के लोगों के लिए चिंता और कौतूहल का विषय बना हुआ है। पूरे गाँव ताखरावाली की निगाहें अब जाँच के अंतिम नतीजों पर टिकी हुई हैं।