
श्रीगंगानगर/बीकानेर, 27 नवंबर: राजस्थान के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो गया है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में मौसम प्रभावित होगा। हालांकि, इस विक्षोभ का मुख्य असर दक्षिणी और मध्य राजस्थान पर पड़ने की संभावना है, लेकिन बीकानेर संभाग, जिसमें श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर जैसे जिले शामिल हैं, पर भी इसका आंशिक असर दिखाई देगा।
पश्चिमी विक्षोभ क्या है और इसका असर कहाँ?
पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागरीय क्षेत्र में उत्पन्न होने वाला एक अतिरिक्त-उष्णकटिबंधीय तूफान है जो भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी भागों में अचानक बारिश और बर्फबारी लाता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस नए विक्षोभ के कारण 27 और 28 नवंबर को राजस्थान के अधिकांश भागों में मौसम में परिवर्तन आएगा।
मुख्य रूप से प्रभावित संभाग:
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जोधपुर
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उदयपुर
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अजमेर
इन संभागों के कुछ जिलों में मेघ गर्जन के साथ मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है।
बीकानेर संभाग पर आंशिक प्रभाव
हालांकि, बीकानेर संभाग में सीधे तौर पर भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है, लेकिन विक्षोभ के प्रभाव से इस क्षेत्र के मौसम में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे:
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बादल छाए रहना: श्रीगंगानगर और आस-पास के क्षेत्रों में आज (27 नवंबर) शाम से ही आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। यह सिलसिला कल 28 नवंबर तक जारी रहने की संभावना है।
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हल्की बूंदाबांदी: बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा से सटे श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में, हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। यह बारिश बहुत तेज़ नहीं होगी, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ाएगी।
तापमान में गिरावट और बढ़ती सर्दी
पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद मौसम में होने वाला सबसे महत्वपूर्ण बदलाव तापमान में गिरावट और सर्दी के असर में बढ़ोतरी है।
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तापमान में गिरावट: विक्षोभ के कारण नमी बढ़ेगी और बादल छाए रहने से दिन का तापमान थोड़ा कम हो सकता है।
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तेज होगी ठंड: बारिश या बूंदाबांदी होने के बाद और आसमान साफ होने पर, उत्तरी दिशा से आने वाली ठंडी हवाएं मैदानी क्षेत्रों में प्रवेश करेंगी। इस प्रक्रिया को ‘शीतलहर’ की शुरुआत कहा जा सकता है। इससे रात के न्यूनतम तापमान में और दिन के अधिकतम तापमान में भी 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
किसानों के लिए चेतावनी:
बीकानेर और श्रीगंगानगर जैसे कृषि प्रधान क्षेत्रों में इस मौसम बदलाव का सीधा असर रबी की फसलों पर पड़ सकता है। हालांकि, हल्की बूंदाबांदी गेहूं और सरसों जैसी फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन यदि बारिश तेज होती है, तो यह कटी हुई या खेत में खड़ी कुछ फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे 28 नवंबर तक अपनी फसलों और उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
कुल मिलाकर, श्रीगंगानगर और बीकानेर संभाग के निवासियों को आगामी 48 घंटों में ठंड और मौसम के मिजाज में बदलाव के लिए तैयार रहने की जरूरत है।