
श्रीगंगानगर: रंगों के त्योहार होली के आगमन के साथ ही देश भर में यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या में भारी उछाल देखने को मिलता है। यात्रियों की इसी भारी भीड़ और कंफर्म टिकट की मारामारी को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने श्रीगंगानगर से विशेष ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। यह निर्णय उन हजारों प्रवासियों और कामगारों के लिए एक वरदान साबित होगा जो होली के अवसर पर अपने घर जाने की योजना बना रहे हैं।
1. श्रीगंगानगर-गोरखपुर साप्ताहिक होली स्पेशल (04729/04730)
रेलवे प्रशासन ने श्रीगंगानगर और गोरखपुर के बीच सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए गाड़ी संख्या 04729/04730 का संचालन करने का निर्णय लिया है।
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संचालन की तिथि: यह विशेष ट्रेन 26 फरवरी से अपनी सेवाएं शुरू करेगी। यह साप्ताहिक आधार पर संचालित की जाएगी, जिससे त्यौहार के दौरान नियमित अंतराल पर यात्रियों को यात्रा का विकल्प मिल सकेगा।
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रूट और ठहराव: यह ट्रेन श्रीगंगानगर जंक्शन से प्रस्थान कर हनुमानगढ़, पीलीबंगा, सूरतगढ़, और फिर हरियाणा व पंजाब के प्रमुख स्टेशनों से होते हुए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जंक्शन तक जाएगी।
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सुविधाएं: इस ट्रेन में स्लीपर क्लास, थर्ड एसी और जनरल कोच की व्यवस्था की गई है, ताकि हर श्रेणी के यात्री अपनी सुविधानुसार यात्रा कर सकें। गोरखपुर की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए यह सबसे आरामदायक विकल्प होगा क्योंकि नियमित ट्रेनों में महीनों पहले ही वेटिंग लिस्ट लंबी हो चुकी है।
2. श्रीगंगानगर-समस्तीपुर स्पेशल ट्रेन: बिहार जाने वालों के लिए राहत
बिहार के यात्रियों के लिए भी रेलवे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। श्रीगंगानगर से समस्तीपुर के बीच एक विशेष ट्रेन का संचालन किया जाएगा।
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रूट का विवरण: यह ट्रेन गोरखपुर और हाजीपुर के रास्ते संचालित की जाएगी। यह मार्ग सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर बिहार के एक बड़े हिस्से को कवर करता है।
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लाभार्थी: श्रीगंगानगर और आसपास के इलाकों में कृषि कार्यों या उद्योगों में लगे बिहार के श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए यह ट्रेन सीधी राहत लेकर आई है। अब उन्हें दिल्ली या अन्य बड़े स्टेशनों पर जाकर ट्रेन बदलने की आवश्यकता नहीं होगी।
रेलवे के इस निर्णय का महत्व
हर साल होली के दौरान श्रीगंगानगर जंक्शन पर यात्रियों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। नियमित चलने वाली ट्रेनें जैसे ‘अवध असम एक्सप्रेस’ या ‘अमृतसर-कटिहार’ जैसी ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं होती। ऐसे में:
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भीड़ का प्रबंधन: स्पेशल ट्रेनों के चलने से मुख्य ट्रेनों पर बोझ कम होगा।
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कालाबाजारी पर रोक: जब सीटें उपलब्ध होंगी, तो एजेंटों और बिचौलियों द्वारा टिकटों की कालाबाजारी पर स्वतः ही लगाम लगेगी।
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सुरक्षित यात्रा: अतिरिक्त कोच और ट्रेनों के कारण डिब्बों में अत्यधिक भीड़ (Overcrowding) कम होगी, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुखद बन सकेगी।
यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे इन स्पेशल ट्रेनों के लिए अग्रिम आरक्षण (Advance Booking) तुरंत करवा लें। होली स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग अक्सर कुछ ही दिनों में फुल हो जाती है।
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बुकिंग कहाँ करें: यात्री आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट या श्रीगंगानगर जंक्शन के आरक्षण काउंटर से टिकट बुक कर सकते हैं।
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किराया: ध्यान रहे कि स्पेशल ट्रेनों का किराया नियमित ट्रेनों की तुलना में थोड़ा भिन्न (स्पेशल शुल्क के साथ) हो सकता है।
निष्कर्ष
रेलवे का यह कदम श्रीगंगानगर के निवासियों और यहाँ रहकर काम करने वाले बाहरी लोगों के लिए उत्सव की खुशियों को दोगुना करने वाला है। प्रशासन ने न केवल ट्रेनों की घोषणा की है, बल्कि जंक्शन पर अतिरिक्त सुरक्षा और सहायता डेस्क की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। अब यात्री बिना किसी मानसिक तनाव के अपने घर पहुँच कर अपनों के साथ ‘होली के रंग’ खेल सकेंगे।