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स्कूलों में नए सत्र की तैयारी: कल से शुरू होगा ‘शिक्षा का नया अध्याय’

श्रीगंगानगर। कैलेंडर का पन्ना पलटने के साथ ही कल, 1 अप्रैल 2026 से जिले के शैक्षणिक परिदृश्य में एक नई ऊर्जा का संचार होने जा रहा है। श्रीगंगानगर सहित पूरे राजस्थान में नए शैक्षणिक सत्र (2026-27) का विधिवत शंखनाद होने जा रहा है। शिक्षा विभाग के सख्त निर्देशों के बाद, इस बार सरकारी और निजी स्कूलों ने समय पर सत्र शुरू करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। भीषण गर्मी के बीच बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग ने इस बार ‘टाइम मैनेजमेंट’ पर विशेष जोर दिया है।

स्कूलों में रौनक और उत्सव का माहौल

कल सुबह जब स्कूलों की घंटियां बजेंगी, तो परिसर एक बार फिर बच्चों की किलकारियों और चहल-पहल से गुलजार हो उठेंगे। श्रीगंगानगर के प्रमुख सरकारी विद्यालयों और निजी शिक्षण संस्थानों में नए छात्रों के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। कई स्कूलों में ‘प्रवेशोत्सव’ के रूप में इस दिन को मनाया जा रहा है, जहाँ नए आने वाले छोटे बच्चों का तिलक लगाकर और मुंह मीठा कराकर स्वागत किया जाएगा ताकि उनके मन से स्कूल का डर निकल सके और वे खुशी-खुशी अपनी शिक्षा की यात्रा शुरू कर सकें।

प्रवेश प्रक्रिया में तेजी: ‘हाउस-टू-हाउस’ सर्वे

शिक्षा विभाग ने इस बार नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया है। सरकारी स्कूलों के शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों को सरकारी योजनाओं, जैसे—मुफ्त यूनिफॉर्म, मिड-डे मील और उच्च स्तरीय डिजिटल क्लासरूम के बारे में जागरूक कर रहे हैं। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में, जहाँ ड्रॉप-आउट दर अधिक रहती है, वहां शिक्षकों की टीमें सक्रिय हैं ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के अनुसार, इस बार नामांकन में पिछले वर्ष की तुलना में 10-15% वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।

नई किताबें और डिजिटल लर्निंग पर जोर

नए सत्र के साथ ही छात्रों के हाथों में नई किताबों की खुशबू होगी। शिक्षा विभाग ने सुनिश्चित किया है कि सरकारी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों का वितरण समय पर हो जाए। इस बार के पाठ्यक्रम में आधुनिक तकनीक और कोडिंग जैसे विषयों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। श्रीगंगानगर के कई निजी स्कूलों ने इस सत्र से ‘हाइब्रिड लर्निंग’ मॉडल अपनाने का निर्णय लिया है, जिसमें किताबों के साथ-साथ टैबलेट और स्मार्ट बोर्ड के जरिए शिक्षा दी जाएगी।

गर्मी को देखते हुए समय में बदलाव की संभावना

चूँकि श्रीगंगानगर में अप्रैल के महीने में ही पारा चढ़ने लगता है, इसलिए अभिभावकों में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है। हालांकि अभी स्कूल सामान्य समय पर खुलेंगे, लेकिन शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि यदि लू (Loo) का प्रकोप बढ़ता है, तो जिला कलेक्टर के आदेशानुसार स्कूलों के समय में परिवर्तन कर उन्हें सुबह जल्दी (7:30 बजे से 12:30 बजे तक) किया जा सकता है। स्कूलों को पीने के ठंडे पानी और ओआरएस (ORS) के पैकेट रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।

अभिभावकों की जेब पर असर

नए सत्र की शुरुआत के साथ ही बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। श्रीगंगानगर के गोल बाजार और पुरानी आबादी के बुक डिपो पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। अभिभावक यूनिफॉर्म, जूते, स्टेशनरी और बैग खरीदने में व्यस्त हैं। हालांकि, कागजों और छपाई की बढ़ती कीमतों के कारण इस बार किताबों और स्टेशनरी के दामों में 10-20% का उछाल देखने को मिला है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट पर थोड़ा दबाव बढ़ा है।

शिक्षकों के लिए नई चुनौतियां और लक्ष्य

नए सत्र का मतलब केवल छात्रों के लिए नया साल नहीं है, बल्कि शिक्षकों के लिए भी नई जिम्मेदारियां हैं। विभाग ने शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे पहले महीने में ‘ब्रिज कोर्स’ पर ध्यान दें, ताकि पिछली कक्षा की कमियों को दूर किया जा सके। बोर्ड परीक्षाओं (10वीं और 12वीं) के लिए अभी से विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है ताकि जिले का परीक्षा परिणाम राज्य स्तर पर बेहतर रह सके।

निष्कर्ष

कल का सूर्योदय श्रीगंगानगर के हजारों विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीदें और नए सपने लेकर आएगा। “कल से खुलेगा नया अध्याय” केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह उन हजारों भविष्य के निर्माताओं की नींव रखने का दिन है। प्रशासन, शिक्षक और अभिभावक मिलकर इस सत्र को सफल बनाने के लिए तैयार हैं, ताकि शिक्षा की लौ जिले के हर घर तक पहुँच सके।

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