श्रीगंगानगर, 21 दिसंबर 2025: आधुनिक दौर में सोशल मीडिया पर ‘लाइक्स’ और ‘फॉलोअर्स’ पाने की अंधी दौड़ अब लोगों की जान पर बन आई है। श्रीगंगानगर जिले में एक रील बनाने के चक्कर में हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक महिला द्वारा जीप चलाने का वीडियो बनाने के दौरान हुए इस हादसे ने दो निर्दोष भाई-बहनों को अस्पताल के बिस्तर पर पहुँचा दिया है।
हादसे का घटनाक्रम: रील बनी जान की दुश्मन
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना जिले के एक मुख्य मार्ग पर घटित हुई। एक दंपति अपनी थार जीप में सवार होकर रील शूट कर रहे थे। जीप महिला चला रही थी, जबकि उसका पति बगल वाली सीट पर बैठकर मोबाइल फोन से उसका वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था।
वीडियो को ‘सिनेमैटिक’ लुक देने और टशन दिखाने के चक्कर में महिला चालक का ध्यान सड़क से भटक गया। इसी दौरान सामने से आ रही एक मोटरसाइकिल को जीप ने जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों का कहना है कि टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार भाई-बहन उछलकर कई फीट दूर जा गिरे और जीप का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
पीड़ितों की स्थिति: भाई-बहन गंभीर रूप से घायल
हादसे का शिकार हुए बाइक सवारों की पहचान स्थानीय भाई-बहन के रूप में हुई है, जो अपने घर लौट रहे थे। टक्कर के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस को सूचित किया और घायलों को पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार:
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युवक (भाई): उसके सिर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और वह फिलहाल आईसीयू (ICU) में भर्ती है।
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युवती (बहन): उसके शरीर में कई फ्रैक्चर हुए हैं और काफी खून बह जाने के कारण उसे ट्रॉमा वार्ड में रखा गया है।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी पहलू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को जब्त कर लिया। पुलिस ने बताया कि रील बनाने के चक्कर में लापरवाही से वाहन चलाने का यह एक स्पष्ट मामला है।
पुलिस ने दंपति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
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लापरवाही से वाहन चलाना: सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन।
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जान जोखिम में डालना: अपनी और दूसरों की जान को खतरे में डालने वाली गतिविधि।
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मोबाइल का उपयोग: वाहन चलाते समय या चालक का ध्यान भटकाने वाली गतिविधियों को बढ़ावा देना।
पुलिस उस मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है जिससे रील बनाई जा रही थी, ताकि उसे मुख्य साक्ष्य (Evidence) के रूप में अदालत में पेश किया जा सके।
बढ़ता ‘रील कल्चर’ और सामाजिक चिंता
यह कोई पहली बार नहीं है जब श्रीगंगानगर या देश के अन्य हिस्सों में रील बनाने के चक्कर में हादसे हुए हों। आजकल युवाओं और वयस्कों में चलती गाड़ी की छत पर खड़े होना, खतरनाक स्टंट करना या ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग करना एक फैशन बन गया है।
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि “वर्चुअल दुनिया में वाहवाही पाने की भूख” लोगों के विवेक को सुन्न कर रही है। वे यह भूल जाते हैं कि सड़क पर एक सेकंड की लापरवाही न केवल उनके लिए, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य निर्दोष लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है।
प्रशासन की अपील
जिला पुलिस अधीक्षक ने इस घटना के बाद आमजन से अपील की है कि वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें और न ही किसी प्रकार का स्टंट करें। पुलिस ने आने वाले दिनों में सोशल मीडिया पर स्टंट वाले वीडियो पोस्ट करने वालों पर भी निगरानी रखने और सख्त कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं।