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सेंट्रल जेल की सुरक्षा में बड़ी सेंध: दीवार फांदकर अंदर फेंका नशा, जेल प्रहरियों को चकमा देकर फरार हुए अज्ञात युवक

श्रीगंगानगर। सरहदी जिले श्रीगंगानगर की हाई-सिक्योरिटी मानी जाने वाली सेंट्रल जेल एक बार फिर सुर्खियों में है। जेल की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए दो अज्ञात बदमाशों ने रविवार देर शाम और सोमवार के दरमियान एक ऐसी हिमाकत की, जिसने जेल प्रशासन से लेकर स्थानीय पुलिस महकमे तक हड़कंप मचा दिया है। कड़ी सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के बावजूद, दो युवक जेल परिसर के बाहर आए और चारदीवारी के ऊपर से प्रतिबंधित सामग्री (बीड़ी, सिगरेट और जर्दे के पैकेट) जेल के भीतर फेंककर रफूचक्कर हो गए। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी चकमा देकर भागने में सफल रहे। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जेल के भीतर बंद कैदियों तक नशा और अन्य सामग्रियां पहुंचाने वाले नेटवर्क के हौसले कितने बुलंद हैं।

कैसे दी गई वारदात को अंजाम?

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना रविवार की देर शाम और सोमवार के शुरुआती समय के आसपास की है। जेल की बाहरी दीवार के पास अचानक दो संदिग्ध युवकों की हलचल देखी गई। इससे पहले कि वहां तैनात संतरी या सुरक्षाकर्मी कुछ समझ पाते, दोनों युवकों ने अपने पास मौजूद पोटलीनुमा पैकेटों को पूरी ताकत से हवा में उछाला और जेल की ऊंची दीवार के पार फेंक दिया।

इन पैकेट्स में भारी मात्रा में बीड़ी के बंडल, सिगरेट की डिब्बियां और जर्दे (खैनी) के पाउच थे। जेल के अंदर इन चीजों की भारी मांग होती है और कैदी इसके लिए मोटी रकम चुकाने को तैयार रहते हैं। जैसे ही पैकेट अंदर गिरे, जेल प्रहरियों को इसकी भनक लग गई।

जेल प्रहरियों ने किया पीछा, पर नाकाम रहे

दीवार के पास हलचल होते ही जेल के सुरक्षा प्रहरी तुरंत एक्शन मोड में आए। प्रहरियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए जेल के मुख्य गेट से बाहर दौड़ लगाई और उन अज्ञात युवकों को ललकारते हुए उनका पीछा किया। दोनों युवकों ने जब सुरक्षाकर्मियों को अपनी तरफ आते देखा, तो वे गलियों का फायदा उठाकर तेजी से भागने लगे। जेल प्रहरियों ने कुछ दूर तक उनका पीछा भी किया, लेकिन रात के अंधेरे और संकरी गलियों का फायदा उठाकर दोनों आरोपी चकमा देने में कामयाब रहे।

घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन ने पूरे परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया और फेंकी गई प्रतिबंधित सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया। गनीमत यह रही कि यह सामग्री बैरकों तक पहुंचने से पहले ही सुरक्षाकर्मियों के हाथ लग गई, जिससे जेल के अंदर किसी बड़ी साजिश या गुटबाजी की संभावना को टाल दिया गया।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

जेल प्रशासन की लिखित शिकायत के बाद स्थानीय पुलिस थाना इस मामले की तफ्तीश में जुट गया है। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ जेल अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

आरोपियों की पहचान करने के लिए पुलिस अब जेल परिसर, मुख्य सड़क और आसपास की कॉलोनियों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि फुटेज में दो युवकों की धुंधली तस्वीरें सामने आई हैं, जो संदिग्ध परिस्थितियों में जेल की दीवार के पास देखे गए थे। पुलिस को अंदेशा है कि ये युवक स्थानीय ही हैं और किसी बड़े गिरोह या जेल में बंद किसी खास कैदी के इशारे पर काम कर रहे थे।

सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने श्रीगंगानगर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • गश्त की कमी: जेल के बाहरी दायरे में नियमित पुलिस गश्त या जेल प्रहरियों की तैनाती इतनी ढीली क्यों है कि कोई भी आसानी से दीवार के पास तक पहुंच जाता है?

  • इंटेलिजेंस फेलियर: क्या जेल प्रशासन को इस बात की भनक नहीं थी कि बाहर से कोई नेटवर्क जेल के अंदर प्रतिबंधित सामान सप्लाई करने की फिराक में है?

  • कैदियों का नेटवर्क: जेल के अंदर बैठे किस कैदी या गिरोह के लिए यह सामान फेंका गया था? जाहिर है, अंदर से किसी ने बाहर संपर्क साधा होगा।

आगे की कार्रवाई और इतिहास

यह कोई पहला मौका नहीं है जब श्रीगंगानगर सेंट्रल जेल में इस तरह की सुरक्षा चूक सामने आई हो। इससे पहले भी जेल के अंदर मोबाइल फोन, सिम कार्ड और नशीले पदार्थ मिलने की घटनाएं सामने आती रही हैं।

फिलहाल, जेल अधीक्षक ने इस घटना के बाद जेल के अंदर और बाहर की सुरक्षा को और कड़ा करने के निर्देश दिए हैं। दीवार के पास वाले संवेदनशीलPoints पर अतिरिक्त प्रहरियों की तैनाती की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस बात का खुलासा किया जाएगा कि जेल के अंदर इस नशे की खेप का असली खरीदार कौन था।

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