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सीमा पार से नशीली दवाओं की तस्करी पर बड़ा प्रहार: श्रीगंगानगर और अनूपगढ़ पुलिस का भारत-पाक सरहद के पास बड़ा ऑपरेशन, दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

श्रीगंगानगर/अनूपगढ़। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे श्रीगंगानगर और अनूपगढ़ जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। 21 अगस्त को चलाए गए एक विशेष संयुक्त गश्ती अभियान के दौरान पुलिस की टीम ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास नाकाबंदी कर दो तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली गोलियां और संदिग्ध मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।

पुलिस महानिरीक्षक और स्थानीय पुलिस अधीक्षकों के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन फ्लश आउट’ के तहत यह कार्रवाई अंजाम दी गई है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ अनूपगढ़ थाना में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सघन पूछताछ शुरू कर दी गई है।

गश्त के दौरान संदिग्ध हलचल और घेराबंदी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनूपगढ़ और श्रीगंगानगर कोतवाली पुलिस की एक संयुक्त टीम भारत-पाक सीमा के पास स्थित संवेदनशील सीमावर्ती ग्रामीण इलाके में नियमित गश्त और नाकाबंदी पर थी। इसी दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को सीमा रेखा की तरफ से आते हुए देखा गया। पुलिस टीम को देखते ही दोनों युवकों ने मोटरसाइकिल की गति बढ़ा दी और भागने का प्रयास किया।

सुरक्षा बलों ने तत्परता दिखाते हुए इलाके की घेराबंदी की और कुछ ही दूरी पर उनका पीछा कर उन्हें दबोच लिया। जब उनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास मौजूद बैग से प्रतिबंधित नशीली गोलियों (ट्रामाडॉल और अल्प्राजोलम जैसी शेड्यूल्ड ड्रग्स) की बड़ी खेप बरामद हुई।

अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के तार

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी लंबे समय से सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे की आपूर्ति करने के अवैध धंधे से जुड़े हुए थे। पुलिस को अंदेशा है कि इस खेप का इस्तेमाल स्थानीय युवाओं और पंजाब के सीमावर्ती जिलों में नशे की आपूर्ति के लिए किया जाना था।

अधिकारियों का कहना है कि यह खेप या तो ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से गिराई गई थी या फिर अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए सीमावर्ती इलाके में खपाई जा रही थी। पुलिस अब पकड़े गए दोनों तस्करों के मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड्स और वित्तीय लेन-देन की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि मुख्य सप्लायर और खरीदारों तक पहुंचा जा सके।

एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने जब्त की गई दवाओं को सील कर नमूनों को फॉरेंसिक लैब (FSL) भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।

अनूपगढ़ पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है। मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है:

  1. सप्लाई की कड़ी: नशे की यह प्रतिबंधित गोलियां कहां से खरीदी गई थीं?

  2. सीमा पार संपर्क: क्या तस्करों के तार पाकिस्तान स्थित तस्करों या सीमा पार से संचालित ड्रोन नेटवर्क से जुड़े हैं?

  3. स्थानीय नेटवर्क: इलाके के कौन-कौन से स्थानीय पेडलर और एजेंट इस कारोबार में शामिल हैं?

नशे के खिलाफ कड़ा रुख

श्रीगंगानगर और अनूपगढ़ का सीमावर्ती इलाका लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील रहा है। राजस्थान पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) लगातार इस क्षेत्र में चौकसी बढ़ा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अवैध नशीली दवाओं की बिक्री की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाया जा सके।

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