
श्रीगंगानगर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है। 22 अप्रैल को सीमा सुरक्षा बल (BSF) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। यह सतर्कता पिछले 24 घंटों के दौरान श्रीकरणपुर और रायसिंहनगर सेक्टर में देखी गई संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों के बाद बरती जा रही है।
ड्रोन की आहट और BSF की जवाबी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, बीती रात सीमा के पास तैनात सजग प्रहरियों ने आसमान में भिनभिनाहट की आवाज सुनी और कुछ संदिग्ध रोशनी देखी। पाकिस्तानी सीमा की ओर से भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रहे इन ड्रोन्स को देखते ही BSF के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत फायरिंग की। अंधेरे का फायदा उठाकर संदिग्ध ड्रोन वापस सीमा पार भागने में सफल रहे, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर डाल दिया है।
सर्च ऑपरेशन: चप्पे-चप्पे पर नजर
ड्रोन की गतिविधि की सूचना मिलते ही श्रीकरणपुर और रायसिंहनगर के सीमावर्ती गांवों में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
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खेतों की तलाशी: जवानों ने सरसों और गेहूं के खेतों, झाड़ियों और सुनसान इलाकों की गहनता से तलाशी ली। यह आशंका जताई जा रही है कि ड्रोन के माध्यम से नशीले पदार्थों (जैसे हेरोइन) या हथियारों की खेप गिराई गई हो सकती है।
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इंटेलिजेंस इनपुट: BSF के साथ-साथ राजस्थान पुलिस की विशेष शाखा और इंटेलिजेंस एजेंसियां भी सक्रिय हैं। संदिग्ध ठिकानों और सीमा के करीब रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्कों की जांच की जा रही है।
तस्करी का नया तरीका: तकनीक बनाम सुरक्षा
पिछले कुछ समय में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के जरिए तस्करी की घटनाओं में इजाफा हुआ है। पाकिस्तान स्थित तस्कर अब पारंपरिक रास्तों के बजाय तकनीक का सहारा ले रहे हैं।
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नशीले पदार्थों की सप्लाई: श्रीगंगानगर बॉर्डर का इस्तेमाल अक्सर हेरोइन की तस्करी के लिए किया जाता है, जिसे ‘सफेद जहर’ के नाम से जाना जाता है।
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हथियारों की खेप: सीमा पार से देश में अशांति फैलाने के उद्देश्य से छोटे हथियारों और गोला-बारूद को ड्रोन के जरिए गिराने की कोशिशें भी नाकाम की गई हैं।
सीमावर्ती गांवों में पुलिस की सक्रियता
जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में नाकाबंदी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध वस्तु दिखने पर तुरंत सूचित करने की अपील की गई है। ‘ग्राम रक्षक’ और स्थानीय सूत्रों को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि सीमा पार से होने वाली किसी भी गतिविधि की सूचना समय पर मिल सके।
BSF का संकल्प: अभेद्य है हमारी सीमा
BSF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “सीमा पार से होने वाली हर नापाक साजिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमारे जवान आधुनिक उपकरणों और एंटी-ड्रोन तकनीक से लैस हैं।” उन्होंने साफ किया कि प्रतिकूल मौसम और भीषण गर्मी के बावजूद, देश की सुरक्षा में तैनात प्रहरियों के हौसले बुलंद हैं।
निष्कर्ष: श्रीकरणपुर और रायसिंहनगर सेक्टर में सुरक्षा का घेरा और मजबूत कर दिया गया है। सीमा पर बढ़ी यह मुस्तैदी न केवल तस्करी को रोकने के लिए है, बल्कि राष्ट्र की अखंडता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है और पूरी सीमा पर ‘हाई अलर्ट’ की स्थिति बनी हुई है।
सुरक्षा संदेश: यदि आप सीमावर्ती क्षेत्र के निवासी हैं, तो किसी भी संदिग्ध वस्तु को छुएं नहीं और तुरंत पुलिस (100) या BSF को सूचित करें।