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सीमा पर सुरक्षा घेरा सख्त: अवैध हथियारों की आमद के बाद ‘हाई अलर्ट’ पर श्रीगंगानगर और बीकानेर

श्रीगंगानगर/बीकानेर, 1 मार्च 2026: राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती जिलों, विशेषकर बीकानेर और श्रीगंगानगर सेक्टर में सुरक्षा परिदृश्य पिछले कुछ दिनों में काफी संवेदनशील हो गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से न केवल नशीले पदार्थों, बल्कि अवैध हथियारों की तस्करी के बढ़ते मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसी के मद्देनजर, पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया गया है।


ड्रोन तकनीक: तस्करी की नई चुनौती

पिछले कुछ हफ्तों में बीकानेर और श्रीगंगानगर के सीमावर्ती गांवों में ड्रोन की गतिविधियों में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है। हालिया बरामदगी में अत्याधुनिक पिस्तौल, मैगजीन और कारतूस के साथ-साथ नशीले पदार्थों की बड़ी खेप मिली है।

  • रणनीति: पाकिस्तानी तस्कर अब भारतीय सीमा में घुसपैठ करने के बजाय उच्च तकनीक वाले ड्रोनों का उपयोग कर रहे हैं, जो भारी वजन उठाने में सक्षम हैं।

  • उद्देश्य: सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय आपराधिक गैंग और राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा किया जा सकता है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन की मुस्तैदी

श्रीगंगानगर की पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. अमृता दुहन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वयं सीमावर्ती थानों का दौरा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पुलिस अब केवल पारंपरिक गश्त पर निर्भर नहीं है, बल्कि तकनीकी निगरानी और खुफिया तंत्र को भी मजबूत किया जा रहा है।

“सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक हमारी ‘प्रथम रक्षा पंक्ति’ (First Line of Defence) हैं। उनकी सतर्कता ही इन तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर सकती है।” — डॉ. अमृता दुहन, SP

ऑपरेशन ‘सजग’ और ग्रामीणों की भूमिका

हाई अलर्ट के तहत, पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन तेज कर दिए हैं।

  1. नाकाबंदी: मुख्य सड़कों और कच्चे रास्तों पर सघन नाकाबंदी की गई है।

  2. ग्रामीण संपर्क: पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों और विलेज डिफेंस कमेटियों (VDC) के साथ बैठकें की हैं। ग्रामीणों को समझाया गया है कि रात के समय आसमान में किसी भी प्रकार की संदिग्ध रोशनी या गुनगुनाहट (ड्रोन की आवाज) सुनाई देने पर तुरंत सूचना दें।

  3. पहचान छुपाना: सूचना देने वाले ग्रामीणों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखने का आश्वासन दिया गया है ताकि वे बिना किसी डर के सुरक्षा बलों की मदद कर सकें।

खतरे का बदलता स्वरूप

यह केवल ड्रग्स की तस्करी तक सीमित नहीं रह गया है। सीमा पार से हथियारों की सप्लाई का सीधा अर्थ है कि देश की आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है। बीकानेर सेक्टर में हाल ही में पकड़े गए विदेशी हथियारों ने इस अंदेशे को और पुख्ता किया है कि तस्करों के तार बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं।

निष्कर्ष

श्रीगंगानगर और बीकानेर प्रशासन अब पूरी तरह मुस्तैद है। ‘जी’ ब्रांच और खुफिया एजेंसियां उन स्थानीय ‘रिसीवरों’ की कुंडली खंगाल रही हैं, जो इन हथियारों और नशीली खेपों को ठिकाने लगाने में मदद करते हैं। आने वाले दिनों में सीमावर्ती इलाकों में तलाशी अभियान और सख्त होने की संभावना है।

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