
राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर, अनूपगढ़, बीकानेर और जैसलमेर में आज सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। 17 फरवरी 2026 की सुबह जैसे ही ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की खबरें सार्वजनिक हुईं, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और भारतीय सेना ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी गश्ती और निगरानी को ‘वॉर मोड’ (War Mode) पर डाल दिया है।
क्या है ‘ऑपरेशन सिंदूर’?
आधिकारिक सूत्रों और रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा सीमा पार आतंकी लॉन्च पैड्स और संदिग्ध गतिविधियों को निशाना बनाने के लिए की गई एक ‘प्रिसिजन स्ट्राइक’ (Precision Strike) है। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और हाल के दिनों में ड्रोन के जरिए गिराए जा रहे नशीले पदार्थों व हथियारों के नेटवर्क को ध्वस्त करना था।
ऑपरेशन की सफलता के बाद, पड़ोसी देश की ओर से संभावित जवाबी कार्रवाई या ‘रिटेलिएशन’ (Retaliation) की आशंका को देखते हुए भारत ने अपनी रक्षा पंक्ति को अभेद्य बना दिया है।
प्रशासनिक फैसला: स्कूल और परीक्षाएं स्थगित
श्रीगंगानगर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने एक संयुक्त आपातकालीन बैठक के बाद जिले में ‘धारा 144’ के समान प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
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स्कूलों में अवकाश: सुरक्षा कारणों और सीमा पर सैन्य वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए आज जिले के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में आपातकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है।
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परीक्षाएं स्थगित: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और स्थानीय विश्वविद्यालयों द्वारा आज आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। नई तारीखों की घोषणा स्थिति सामान्य होने के बाद की जाएगी।
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आवाजाही पर रोक: जीरो लाइन (Zero Line) के पास स्थित गांवों (जैसे हिंदूमलकोट, गजसिंहपुर और श्रीकरणपुर के सीमावर्ती गांव) में आम नागरिकों की आवाजाही को केवल आवश्यक कार्यों तक सीमित कर दिया गया है।
नागरिकों के लिए एडवाइजरी
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।
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सोशल मीडिया पर नजर: भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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आपातकालीन तैयारी: सीमावर्ती गांवों के निवासियों को रात के समय लाइटें कम रखने (Blackout Protocols) और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या BSF पोस्ट को देने को कहा गया है।
रणनीतिक स्थिति और सैन्य हलचल
श्रीगंगानगर के आसमान में आज सुबह से ही भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों की गूंज सुनाई दे रही है। सीमा की ओर जाने वाली मुख्य सड़कों पर सेना के काफिले देखे जा रहे हैं। रडार प्रणालियों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी हवाई घुसपैठ को तुरंत रोका जा सके।
“हमारी प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा है। सीमा पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।” — जिला कलेक्टर, श्रीगंगानगर
निष्कर्ष: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत की सामरिक इच्छाशक्ति को स्पष्ट कर दिया है, लेकिन इसके बाद का ‘हाई अलर्ट’ आम जनजीवन के लिए धैर्य की परीक्षा है। श्रीगंगानगर के नागरिक अपनी सेना और प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।