
श्रीगंगानगर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सतर्क जवानों ने आज, 13 जनवरी 2026 की तड़के पाकिस्तान की एक और नापाक साजिश को मिट्टी में मिला दिया। घने कोहरे और ‘येलो अलर्ट’ के बीच, जब विजिबिलिटी शून्य के करीब थी, तब पाकिस्तानी तस्करों ने आधुनिक ड्रोन तकनीक का सहारा लेकर भारतीय सीमा में नशीले पदार्थों की खेप भेजने की कोशिश की। लेकिन, बीएसएफ की ‘आंखों और कानों’ ने इस हवाई घुसपैठ को समय रहते भांप लिया।
आधी रात को गूंजी ड्रोन की आवाज
घटना श्रीगंगानगर जिले से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा के एक संवेदनशील सेक्टर की है। जानकारी के अनुसार, रात के सन्नाटे और घने कोहरे का फायदा उठाते हुए सीमा पार से एक पाकिस्तानी ड्रोन ने भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया। सीमा पर तैनात बीएसएफ की टुकड़ी ने ड्रोन की भनभनाहट सुनी और तुरंत हरकत में आ गई।
जवानों ने निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए संदिग्ध दिशा में फायरिंग की और रोशनी वाले गोले (ILU) दागे। बीएसएफ की आक्रामक कार्रवाई को देख तस्करों ने ड्रोन को वापस पाकिस्तानी सीमा की ओर मोड़ लिया, लेकिन उससे पहले ही वे नशे की खेप को भारतीय खेतों में गिरा चुके थे।
सर्च ऑपरेशन और हेरोइन की बरामदगी
सुबह होते ही बीएसएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर पूरे इलाके की घेराबंदी की और एक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच घंटों चली इस मशक्कत के बाद, सीमा के पास स्थित एक खेत से पीले रंग के टेप से लिपटे हुए संदिग्ध पैकेट बरामद हुए।
-
बरामदगी: जांच करने पर पैकेटों में उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन पाई गई।
-
अनुमानित कीमत: अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस जब्त की गई हेरोइन की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
-
तकनीक: पैकेट के साथ एक लोहे की रिंग और चमकने वाली स्टिक (Glow Stick) भी जुड़ी थी, ताकि अंधेरे में भारतीय तस्कर इसे आसानी से ढूंढ सकें।
ड्रोन: तस्करी का नया और खतरनाक हथियार
पिछले कुछ समय में श्रीगंगानगर और पंजाब सीमा पर ड्रोन के जरिए तस्करी की घटनाओं में भारी इजाफा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सर्दी और कोहरे का मौसम तस्करों के लिए ‘कवर’ का काम करता है। इस बार भी तस्करों ने इसी का लाभ उठाने की कोशिश की थी।
“हमारे जवान तकनीकी रूप से पूरी तरह सक्षम हैं। एंटी-ड्रोन गन और बेहतर इंटेलिजेंस के समन्वय से हम सीमा पार से होने वाली हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।” — बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी
जांच के घेरे में स्थानीय नेटवर्क
इस बरामदगी के बाद अब स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां (NCB, CID) उन संभावित ठिकानों और लोगों की तलाश कर रही हैं, जिन्हें यह खेप प्राप्त करनी थी। पुलिस उन मोबाइल टावर लोकेशनों को खंगाल रही है जो घटना के समय सक्रिय थे। पकड़े गए पैकेटों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि उनके मूल स्रोत का पता लगाया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की गई
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के नजदीक होने के कारण सीमा पर पहले ही ‘ऑपरेशन अलर्ट’ जारी है। इस नाकाम कोशिश के बाद बीएसएफ ने पेट्रोलिंग को और तेज कर दिया है। सीमावर्ती गांवों के निवासियों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध आवाज या गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों को दें।
श्रीगंगानगर की सीमा पर हुई यह कार्रवाई साबित करती है कि चाहे मौसम कितना भी प्रतिकूल क्यों न हो, देश की रक्षा में तैनात प्रहरी हर पल मुस्तैद हैं।