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सीमावर्ती कस्बे श्रीकरणपुर में धर्मांतरण का बड़ा खुलासा: जर्मन दंपती सहित 6 लोग पुलिस हिरासत में

श्रीकरणपुर (श्रीगंगानगर)। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर के श्रीकरणपुर कस्बे में अवैध धर्मांतरण के संदिग्ध मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। शुक्रवार, 19 दिसंबर को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक जर्मन दंपती और चार स्थानीय निवासियों सहित कुल छह लोगों को हिरासत में लिया है। इन पर आरोप है कि वे वार्ड नंबर 22 के एक निजी आवास में लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसा रहे थे।

प्रार्थना सभा की आड़ में खेल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीकरणपुर के वार्ड नंबर 22 में स्थित एक किराए के मकान में पिछले कुछ समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यहाँ नियमित रूप से ‘प्रार्थना सभा’ का आयोजन किया जा रहा था, जिसमें कस्बे और आसपास के गांवों के गरीब तबके के लोगों को बुलाया जाता था।

आरोप है कि इस सभा की आड़ में उपस्थित लोगों को ईसाई धर्म की महत्ता बताई जाती थी और उन्हें अपना मूल धर्म छोड़ने के बदले नकद राशि, बच्चों की शिक्षा का खर्च और बीमारियों से मुक्ति (हीलिंग) जैसे लालच दिए जा रहे थे। इस सभा में एक विदेशी दंपती की मौजूदगी ने स्थानीय लोगों के मन में संदेह पैदा किया।

हिंदू संगठनों का विरोध और पुलिस की दबिश

इस कथित धर्मांतरण की सूचना जैसे ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं तक पहुँची, वे बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। कार्यकर्ताओं ने घर के बाहर जमकर नारेबाजी की और अवैध गतिविधियों को तुरंत बंद करने की मांग की। स्थिति को तनावपूर्ण देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही थाना पुलिस और उच्चाधिकारी मौके पर पहुँचे। पुलिस ने जब घर के भीतर तलाशी ली, तो वहाँ बड़ी मात्रा में धार्मिक साहित्य और कुछ संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस ने मौके से जर्मन मूल के एक पति-पत्नी और उनके चार स्थानीय सहयोगियों को हिरासत में लेकर थाने पहुँचाया।

वीजा नियमों का उल्लंघन और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता

चूंकि श्रीकरणपुर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब स्थित है, इसलिए विदेशी नागरिकों की यहाँ उपस्थिति को सुरक्षा एजेंसियां बेहद गंभीरता से ले रही हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जर्मन दंपती ‘टूरिस्ट वीजा’ पर भारत आए थे। नियमानुसार, पर्यटक वीजा पर आए विदेशी नागरिक किसी भी प्रकार की धार्मिक प्रचार या सामाजिक गतिविधियों में संलिप्त नहीं हो सकते।

वर्तमान में खुफिया विभाग (IB) और सीआईडी (BI) की टीमें भी विदेशी दंपती से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों को स्थानीय स्तर पर कौन संरक्षण दे रहा था और इस गतिविधि के लिए विदेशी फंडिंग (Foreign Funding) का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा था।

स्थानीय प्रशासन का बयान

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों के मोबाइल फोन और दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है। यदि वीजा नियमों के उल्लंघन और प्रलोभन देकर धर्मांतरण के ठोस सबूत मिलते हैं, तो इनके खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

इस घटना के बाद से कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के बहकावे या प्रलोभन में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️