
सादुलशहर (श्रीगंगानगर)। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर के सादुलशहर कस्बे में मंगलवार को एक रूह कंपा देने वाला हादसा हुआ। वार्ड नंबर-19 में स्थित एक रिहायशी मकान में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग करने के दौरान अचानक एलपीजी सिलेंडर में जोरदार धमाका हो गया। इस हादसे में घर के मालिक सहित कुल चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें नाजुक हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
हादसे का घटनाक्रम: चंद सेकंड में बदली खुशियां मातम में
जानकारी के अनुसार, हादसा सादुलशहर के वार्ड नंबर-19 में मुखराम नायक के घर पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और पड़ोसियों के मुताबिक, घर के भीतर कमर्शियल (बड़े) सिलेंडर से घरेलू (छोटे) सिलेंडर में गैस ट्रांसफर (रिफिलिंग) का काम किया जा रहा था। इसी प्रक्रिया के दौरान अचानक गैस का रिसाव (Leakage) शुरू हो गया। देखते ही देखते गैस ने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया और एक जोरदार धमाके के साथ भीषण आग लग गई।
धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग मौके पर दौड़े और निजी स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। कमरे के भीतर मौजूद लोग आग की लपटों के बीच बुरी तरह फंस गए थे।
घायलों की स्थिति और बचाव कार्य
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में घर के मालिक मुखराम नायक और वहां मौजूद तीन अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को घर से बाहर निकाला और तुरंत सादुलशहर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि चारों घायल 50% से 80% तक झुलस चुके हैं। प्राथमिक उपचार के बाद, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय स्थित अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है।
प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और मौके से कुछ जले हुए सिलेंडर और रिफिलिंग के उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, रिहायशी इलाके में इस तरह से गैस रिफिलिंग करना न केवल अवैध है, बल्कि आसपास के दर्जनों घरों के लिए भी बड़ा खतरा है।
पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और यह जांच की जा रही है कि क्या यहां लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध रिफिलिंग का कारोबार चल रहा था। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि इन लोगों को कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति कहां से हो रही थी।
अवैध गैस रिफिलिंग: एक जानलेवा चुनौती
श्रीगंगानगर और आसपास के कस्बों में अवैध गैस रिफिलिंग की समस्या एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। चंद रुपयों के मुनाफे के लिए लोग बिना किसी सुरक्षा मानकों के गैस ट्रांसफर का काम करते हैं।
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सुरक्षा उपकरणों का अभाव: रिफिलिंग के दौरान अक्सर नोजल और पाइप पुराने या खराब होते हैं।
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प्रशिक्षण की कमी: बिना किसी तकनीकी ज्ञान के गैस के साथ छेड़छाड़ करना मौत को दावत देने जैसा है।
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सघन बस्तियां: वार्ड नंबर-19 जैसी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ऐसे धमाके पूरे मोहल्ले को तबाह कर सकते हैं।
निष्कर्ष
सादुलशहर की इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन और आम जनता को चेतावनी दी है। जहां एक ओर पुलिस को अवैध गैस कारोबारियों पर सख्त शिकंजा कसने की जरूरत है, वहीं आम नागरिकों को भी सचेत रहकर अपने आसपास हो रही ऐसी खतरनाक गतिविधियों की सूचना पुलिस को देनी चाहिए। फिलहाल, पूरा शहर घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है, जबकि पुलिस दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है।