
श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर इलाके में पिछले दिनों हुई एक युवक की मौत ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। जिसे शुरुआत में एक दुखद सड़क हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल ठंडे दिमाग से रची गई एक खौफनाक साजिश निकली। पुलिस ने इस ‘मर्डर मिस्ट्री’ की गुत्थी सुलझाते हुए मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है, जिसमें प्यार, लालच और धोखे का ऐसा मिश्रण है जिसने मानवीय रिश्तों को शर्मसार कर दिया है।
हादसा या हत्या? 30 जनवरी की वो रात
घटना 30 जनवरी की है, जब सादुलशहर निवासी आशीष की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। शुरुआती हालात को देखकर ऐसा लग रहा था कि यह ‘हिट एंड रन’ का मामला है, जिसमें किसी अज्ञात वाहन ने आशीष को टक्कर मारी और चालक मौके से फरार हो गया। परिवार में मातम छा गया और पुलिस ने भी सामान्य प्रक्रिया के तहत जांच शुरू की। लेकिन आशीष के शरीर पर लगी चोटों के निशान और घटनास्थल की स्थिति ने पुलिस के मन में संदेह पैदा कर दिया।
पुलिस जांच और शक की सुई
श्रीगंगानगर पुलिस ने जब वैज्ञानिक साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की, तो परतें खुलने लगीं। पुलिस को मृतक की पत्नी, अंजलि के व्यवहार में कुछ असामान्यताएं नजर आईं। जब अंजलि के कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले गए, तो एक अनजान नंबर से उसकी लगातार बातचीत होने का पता चला। यह नंबर संजय नाम के एक युवक का था, जो पेशे से वेटर था। यहीं से जांच की दिशा बदल गई और पुलिस ने ‘हादसे’ के पीछे ‘साजिश’ की तलाश शुरू कर दी।
खौफनाक मंशा: “विधवा कोटा” और सरकारी नौकरी का लालच
पूछताछ के दौरान जो सच सामने आया, उसने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया। अंजलि का संजय के साथ पिछले काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन यह हत्या सिर्फ रास्ते से कांटे को हटाने के लिए नहीं की गई थी, बल्कि इसके पीछे एक गहरी आर्थिक सोच भी थी।
अंजलि जानती थी कि यदि उसके पति की मृत्यु हो जाती है, तो वह “विधवा कोटा” के तहत अनुकंपा नियुक्ति पाकर सरकारी नौकरी हासिल कर सकती है। उसका प्लान था कि पति की मौत के बाद वह सरकारी सुरक्षित भविष्य पाएगी और फिर अपने प्रेमी संजय के साथ शादी कर सुकून से रहेगी। इसी लालच ने उसे एक खौफनाक अपराधी बना दिया।
साजिश को कैसे दिया अंजाम?
योजना के मुताबिक, 30 जनवरी की रात को अंजलि ने अपने प्रेमी संजय और उसके कुछ साथियों के साथ मिलकर आशीष की हत्या की पूरी रूपरेखा तैयार की। उन्होंने आशीष को एक सुनसान जगह पर घेर लिया और उसे टक्कर मारकर मौत के घाट उतार दिया। पूरी कोशिश यह की गई कि यह मामला एक सड़क दुर्घटना लगे ताकि पुलिस केस दर्ज कर फाइल बंद कर दे और अंजलि को सरकारी लाभ मिलने में कोई अड़चन न आए।
कानून का शिकंजा
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अंजलि, उसके प्रेमी संजय और इस कृत्य में मदद करने वाले अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए सबूत भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस मामले में कड़ी चार्जशीट तैयार कर रही है ताकि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि कैसे निजी स्वार्थ और अनैतिक संबंध किसी को भी अपराध के दलदल में धकेल सकते हैं। श्रीगंगानगर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितनी भी चतुराई से ‘हादसे’ की ढाल ले ले, कानून की नजरों से बच नहीं सकता।