
श्रीगंगानगर। रिश्तों के कत्ल और बेवफाई की एक रूह कपा देने वाली घटना ने श्रीगंगानगर को हिला कर रख दिया है। जिसे शुरुआत में एक साधारण ‘सड़क हादसा’ माना जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी साजिश और नृशंस हत्याकांड निकला। पुलिस ने 8 जनवरी को इस गुत्थी को सुलझाते हुए खुलासा किया कि एक नवविवाहिता अंजली ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति आशीष की जीवनलीला समाप्त कर दी।
हादसे की आड़ में रची गई साजिश
घटनाक्रम की शुरुआत कुछ दिन पहले हुई जब आशीष का शव संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क किनारे मिला। पहली नजर में यह मामला ‘हिट एंड रन’ का लग रहा था। अंजली ने रोते-बिलखते हुए इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना बताया। पुलिस ने भी शुरुआती जांच इसी दिशा में शुरू की थी, लेकिन आशीष के परिजनों को कुछ संदेह था। उनकी मांग और मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 जनवरी के आसपास पुलिस ने जांच की दिशा बदली और तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया।
अवैध संबंधों का खूनी अंजाम
पुलिस की तफ्तीश में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले थे। जांच में पता चला कि अंजली का शादी से पहले ही किसी अन्य युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। शादी के बाद भी वह अपने प्रेमी के संपर्क में थी और आशीष उनके रिश्तों के बीच का कांटा बन रहा था। अपने रास्ते को साफ करने के लिए अंजली और उसके प्रेमी ने आशीष को रास्ते से हटाने की खौफनाक योजना बनाई।
जांच अधिकारियों ने जब अंजली के मोबाइल की कॉल डिटेल्स (CDR) और व्हाट्सएप चैट खंगाली, तो साजिश की परतें खुलने लगीं। घटना वाली रात अंजली का प्रेमी इलाके के आसपास ही मौजूद था और उनके बीच लगातार बातचीत हो रही थी।
कैसे खुला राज? तकनीकी जांच ने दी मात
अपराधियों ने अपराध को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की थी। उन्होंने हत्या को सड़क दुर्घटना दिखाने के लिए आशीष के शरीर पर ऐसी चोटें पहुंचाईं जो एक्सीडेंट जैसी लगें। लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट और CCTV फुटेज ने उनकी पोल खोल दी। जिस समय दुर्घटना का दावा किया गया, उस समय उस मार्ग पर किसी भी भारी वाहन की आवाजाही रिकॉर्ड नहीं हुई थी।
सख्ती से पूछताछ करने पर अंजली टूट गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि कैसे उसने अपने प्रेमी को घर के पास बुलाया और सोते हुए आशीष पर हमला कर उसकी हत्या कर दी, फिर बाद में शव को सड़क किनारे फेंक दिया।
जनता का आक्रोश और पुलिस की कार्रवाई
इस खुलासे के बाद श्रीगंगानगर में स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। 8 जनवरी को बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। समाज में इस तरह की घटनाओं ने नैतिक मूल्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने अंजली और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त हथियार व वाहन को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में साक्ष्यों को इतनी मजबूती से पेश किया जाएगा कि अपराधियों को सख्त सजा मिले।
निष्कर्ष: रिश्तों की मर्यादा पर प्रहार
यह घटना केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि विश्वास और वैवाहिक संस्था पर एक गहरा प्रहार है। श्रीगंगानगर पुलिस की मुस्तैदी ने यह साफ कर दिया कि कानून की नजरों से बचना नामुमकिन है, चाहे साजिश कितनी ही शातिर क्यों न हो।