
श्रीगंगानगर: राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए देश के खिलाफ रची जा रही एक खतरनाक साजिश का पर्दाफाश किया है। लालगढ़ जाटान थाना पुलिस ने चक केरा गांव में दबिश देकर आकाशदीप नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह युवक सीधे तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों और हैंडलर्स के संपर्क में था और जिले के संवेदनशील इलाकों में बम ब्लास्ट की साजिश रच रहा था।
खुफिया इनपुट के बाद बड़ी कार्रवाई
पिछले कुछ समय से केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिल रहे थे कि श्रीगंगानगर के सीमावर्ती इलाकों में कुछ संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। तकनीकी निगरानी और कॉल ट्रेसिंग के दौरान लालगढ़ जाटान क्षेत्र के रहने वाले आकाशदीप पर संदेह गहराया। जब पुलिस और खुफिया विभाग ने कड़ियां जोड़ीं, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
आकाशदीप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए सीमा पार बैठे अपने आकाओं से जुड़ा हुआ था। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से चक केरा गांव में घेराबंदी की और उसे रंगे हाथों धर दबोचा। उसके पास से कुछ डिजिटल उपकरण और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें संदिग्ध डेटा होने की पुष्टि हुई है।
क्या थी साजिश? (रेकी और टारगेट)
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आकाशदीप को पाकिस्तानी हैंडलर्स ने विशेष कार्य सौंपा था। उसका मुख्य काम सैन्य ठिकानों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और सरकारी भवनों की रेकी करना था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक:
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तस्वीरें और वीडियो: वह संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और वीडियो खींचकर एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए पाकिस्तान भेज रहा था।
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बम ब्लास्ट की योजना: पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी को क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री पहुंचाने और एक बड़े बम धमाके को अंजाम देने के लिए जमीनी स्तर पर आधार तैयार करने के निर्देश दिए गए थे।
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हैंडलर्स का जाल: उसे लालच दिया गया था कि इस काम के बदले उसे मोटी रकम दी जाएगी।
पाकिस्तान की ‘डिजिटल वारफेयर’ नीति
सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तान अब सीधे घुसपैठ के बजाय ‘लोकल स्लीपर सेल्स’ और गुमराह युवाओं का सहारा ले रहा है। आकाशदीप जैसे युवाओं को हनीट्रैप या पैसों का लालच देकर देश के खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है। श्रीगंगानगर का भूगोल पाकिस्तान के लिए हमेशा से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है, क्योंकि यहाँ से सेना की हलचल पर नजर रखना आसान होता है।
सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद आकाशदीप को गुप्त स्थान पर ले जाया गया है, जहाँ IB (इंटेलिजेंस ब्यूरो), MI (मिलिट्री इंटेलिजेंस) और स्टेट इंटेलिजेंस की टीमें उससे गहन पूछताछ कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:
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आकाशदीप के साथ इस नेटवर्क में और कौन-कौन से स्थानीय युवक शामिल हैं?
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क्या उसे अब तक किसी प्रकार की फंडिंग या हथियारों की सप्लाई हुई है?
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उसके पाकिस्तानी आकाओं का असली ठिकाना कहाँ है?
इलाके में अलर्ट और सर्च ऑपरेशन
इस गिरफ्तारी के बाद पूरे लालगढ़ जाटान और आसपास के सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने भी जीरो लाइन पर गश्त बढ़ा दी है। संदिग्धों की धरपकड़ के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
निष्कर्ष: सतर्कता ही बचाव है
आकाशदीप की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दुश्मन देश हमारी सीमाओं के भीतर घुसपैठ करने के लिए डिजिटल माध्यमों का सहारा ले रहा है। हालांकि, राजस्थान पुलिस और खुफिया एजेंसियों की मुस्तैदी ने एक संभावित आपदा को टाल दिया है। इस घटना ने एक बार फिर सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए जागरूकता और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
पुलिस जल्द ही इस मामले में बड़ा खुलासा कर सकती है कि इस साजिश के तार पंजाब या अन्य राज्यों के गैंगस्टर-टेरर नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं। फिलहाल, आकाशदीप के मोबाइल का डेटा रिकवर किया जा रहा है, जो आने वाले समय में कई और चेहरों को बेनकाब कर सकता है।