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श्री गंगानगर में नकली बीज का भंडाफोड़: मंत्री किरोड़ीलाल मीणा की बीज गोदामों पर बड़ी छापेमारी

श्री गंगानगर: राजस्थान सरकार के मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने श्रीगंगानगर जिले में बीज बनाने वाले गोदामों पर औचक छापेमारी कर एक बड़े नकली खाद और बीज रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई किसानों को घटिया और मिलावटी बीज बेचने वाले जालसाजों पर नकेल कसने के उद्देश्य से की गई। छापेमारी के दौरान जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं और कृषि क्षेत्र में चल रही धोखाधड़ी की ओर इशारा करते हैं।


 

छापेमारी का मुख्य केंद्र और कार्रवाई

 

मंत्री किरोड़ीलाल मीणा अपनी टीम के साथ श्रीगंगानगर में बीज प्रसंस्करण (Processing) और पैकेजिंग यूनिटों पर पहुंचे। उन्होंने गोदामों में रखी खाद और बीज की गुणवत्ता की जांच की और स्टॉक, पैकिंग सामग्री तथा संबंधित दस्तावेजों की सघन पड़ताल की।

जांच में हुआ बड़ा खुलासा: मंत्री ने मौके पर पाया कि बीज को आकर्षक और चमकीला बनाने के लिए उसमें हानिकारक केमिकल (रसायन) मिलाए जा रहे थे। यह मिश्रण किसानों को धोखा देने के लिए किया जा रहा था, ताकि किसान इसे अच्छी गुणवत्ता वाला बीज समझकर महंगे दामों पर खरीद लें। मंत्री मीणा ने इस बात पर जोर दिया कि किसान चमकीला बीज देखकर आकर्षित होते हैं और सोचते हैं कि यह प्रीमियम क्वालिटी का है, जबकि हकीकत में यह बीज फसलों और मिट्टी दोनों के लिए हानिकारक साबित होता है।


 

किसानों के साथ धोखाधड़ी

 

इस धोखाधड़ी से किसानों को दोहरा नुकसान हो रहा था:

  1. आर्थिक नुकसान: वे नकली और मिलावटी बीज के लिए अधिक कीमत चुका रहे थे।
  2. फसल का नुकसान: नकली या केमिकल युक्त बीज डालने से उनकी फसल का उत्पादन प्रभावित होता था, जिससे उनकी मेहनत और पूंजी दोनों बर्बाद हो जाती थी।

मंत्री ने कहा कि कुछ कंपनियाँ बीज को पॉलिश कर उसे चमकदार बना रही थीं, जो बीज के प्राकृतिक स्वरूप को विकृत करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीज बनाने के नाम पर यह केवल मुनाफाखोरी का धंधा चल रहा है, जिससे किसान ठगे जा रहे हैं।


 

सरकारी तंत्र पर सवाल और आगे की कार्रवाई

 

मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने इस बड़े पैमाने पर हो रही मिलावट के लिए कृषि विभाग के गुणवत्ता परीक्षण लैब (Quality Testing Lab) और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब इतनी बड़ी मात्रा में नकली बीज बन रहा था, तो कृषि विभाग क्या कर रहा था? यह दर्शाता है कि जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही थी।

मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बीज के नमूने लेकर उनकी तत्काल प्रयोगशाला में जांच की जाए और जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले सभी गोदाम संचालकों और कंपनियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस छापेमारी को किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र में भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। (

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️