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श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ में पुलिस का बड़ा एक्शन: भारतमाला एक्सप्रेसवे पर 3 क्विंटल डोडा पोस्त बरामद

श्रीगंगानगर/हनुमानगढ़। राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में नशे के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस ने आज एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आज 22 फरवरी 2026 को श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ पुलिस की संयुक्त सतर्कता और विशेष सूचना के आधार पर भारतमाला एक्सप्रेसवे पर नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक से तीन क्विंटल (300 किलोग्राम) से अधिक अवैध डोडा पोस्त बरामद किया गया है। इस बड़ी बरामदगी ने अंतरराज्यीय नशा तस्करों के नेटवर्क को करारा झटका दिया है।


ऑपरेशन ‘क्लीन स्वीप’: नाकाबंदी और ट्रक की धरपकड़

पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत, पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि एक ट्रक पंजाब की ओर भारी मात्रा में मादक पदार्थ ले जाने की फिराक में है।

  • नाकाबंदी: पुलिस ने भारतमाला एक्सप्रेसवे के मुख्य निकास और प्रवेश द्वारों पर सघन नाकाबंदी की थी।

  • संदेह और तलाशी: दोपहर के समय एक संदिग्ध ट्रक को रुकने का इशारा किया गया। चालक ने पहले ट्रक की गति बढ़ाई, लेकिन पुलिस की घेराबंदी देखकर उसे रुकना पड़ा। प्रारंभिक पूछताछ में ट्रक चालक ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, जिसके बाद पुलिस ने ट्रक की सघन तलाशी शुरू की।

  • बरामदगी: ट्रक के भीतर गुप्त केबिन बनाकर और अन्य सामान की आड़ में 15 से अधिक बोरों में भरा हुआ डोडा पोस्त छिपाया गया था। जब वजन किया गया, तो यह मात्रा 3 क्विंटल से अधिक निकली।


तस्करी का तरीका और रूट

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह खेप मध्य प्रदेश या चित्तौड़गढ़ के रास्ते लाई जा रही थी और इसे पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में सप्लाई किया जाना था। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए भारतमाला एक्सप्रेसवे का चुनाव किया, क्योंकि यहाँ वाहनों की गति अधिक होती है और सामान्यतः लंबी दूरी के ट्रक यहाँ से गुजरते हैं।

पुलिस ने मौके से ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक सहित दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे रैकेट के ‘मास्टरमाइंड’ तक पहुँचा जा सके।


नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति

श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में नशा एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुका है। सिंथेटिक ड्रग्‍स (चिट्टा) और डोडा पोस्त की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है।

पुलिस की प्राथमिकताएं:

  1. सप्लाई चेन तोड़ना: केवल छोटे तस्करों को नहीं, बल्कि बड़े सप्लायरों और फाइनेंसर्स को सलाखों के पीछे पहुँचाना।

  2. हाईवे पर निगरानी: एक्सप्रेसवे और लिंक रोड्स पर सीसीटीवी और गश्ती दल की संख्या बढ़ाना।

  3. जनसहभागिता: ग्रामीणों और युवाओं से अपील की जा रही है कि वे नशे की बिक्री की सूचना गुप्त रूप से पुलिस को दें।


क्षेत्र में बढ़ता जनाक्रोश और पुलिस का रिस्पॉन्स

पिछले कुछ समय में नशे के कारण युवाओं की मौतों और बढ़ते अपराधों ने स्थानीय निवासियों में रोष पैदा किया है। आज की इस बड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की सराहना की है।

“यह केवल 3 क्विंटल डोडा पोस्त की बरामदगी नहीं है, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य को नशे की गर्त में जाने से बचाने की एक कोशिश है। हम इस नेटवर्क की जड़ों तक जाएंगे।” — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का बयान

आगे की कार्रवाई

पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उनके मोबाइल कॉल डिटेल्स और बैंक ट्रांजैक्शन खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि इस तस्करी के पीछे किन बड़े सफेदपोशों का हाथ है।

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