🢀
श्रीगंगानगर सैन्य छावनी में शोक: कर्तव्य पथ पर सूबेदार मुकेश सिंह का दुखद निधन

राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर से एक अत्यंत हृदयविदारक समाचार सामने आया है। जवाहरनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सैन्य छावनी (Amrit Colony/Military Station) में देश की सेवा में तैनात एक जांबाज योद्धा ने अंतिम सांस ली। भारतीय सेना के सूबेदार मुकेश सिंह राजपूत (46) का बुधवार को नियमित सैन्य अभ्यास के दौरान हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया। इस घटना ने न केवल सैन्य परिसर, बल्कि पूरे जिले को शोक संतप्त कर दिया है।

घटनाक्रम: फिटनेस ड्रिल के दौरान बिगड़ी तबीयत

भारतीय सेना की कार्यप्रणाली में शारीरिक दक्षता (Physical Fitness) को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इसी क्रम में, बुधवार सुबह सूबेदार मुकेश सिंह राजपूत अपनी यूनिट के अन्य जवानों के साथ नियमित शारीरिक व्यायाम और दौड़ (PT & Running) के लिए मैदान में उतरे थे। चश्मदीदों और सैन्य सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपनी निर्धारित दौड़ पूरी की और व्यायाम के अंतिम चरण में थे।

दौड़ पूरी करने के कुछ ही मिनटों बाद, अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वे बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े। वहां मौजूद साथी जवानों और सैन्य अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और उन्हें प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की।


अस्पताल में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल सैन्य वाहन के जरिए छावनी स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल (MH) ले जाया गया। वहां मौजूद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने उन्हें पुनर्जीवित करने (CPR) के हर संभव प्रयास किए, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। गहन परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने पुष्टि की कि उन्हें मैसिव कार्डियक अरेस्ट (बड़ा दिल का दौरा) पड़ा था, जिसके कारण उनकी मृत्यु अस्पताल पहुँचने से पहले ही हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें आधिकारिक तौर पर ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया।


वीर योद्धा का परिचय और पारिवारिक पृष्ठभूमि

सूबेदार मुकेश सिंह राजपूत मूल रूप से मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के रहने वाले थे। 46 वर्षीय मुकेश सिंह अपनी कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासित जीवनशैली के लिए अपनी यूनिट में काफी लोकप्रिय थे। उनके निधन की खबर जैसे ही मुरैना स्थित उनके पैतृक गांव पहुंची, वहां मातम पसर गया। एक मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर भारतीय सेना में सूबेदार के पद तक पहुँचना उनकी मेहनत और देशप्रेम का प्रमाण था।


सैन्य सम्मान और आगामी प्रक्रिया

सैन्य प्रोटोकॉल के अनुसार, सूबेदार मुकेश सिंह के पार्थिव देह का पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएं जवाहरनगर थाना पुलिस और सैन्य पुलिस की मौजूदगी में पूरी की जा रही हैं।

  • गार्ड ऑफ ऑनर: छावनी में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों द्वारा शहीद योद्धा को पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी।

  • अंतिम विदाई: औपचारिकताओं के बाद, उनके पार्थिव शरीर को विशेष सैन्य वाहन या हवाई मार्ग से सम्मानपूर्वक उनके गृह नगर मुरैना भेजा जाएगा, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।


बढ़ते हार्ट अटैक के मामले: एक चिंताजनक पहलू

पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि अत्यधिक फिट और सक्रिय रहने वाले सैन्य कर्मियों और एथलीट्स में भी अचानक हृदय गति रुकने की घटनाएं बढ़ी हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे अत्यधिक तनाव, कोविड-19 के बाद के प्रभाव या जेनेटिक कारण हो सकते हैं। सूबेदार मुकेश सिंह जैसे अनुभवी सैनिक, जो दशकों से कठिन प्रशिक्षण ले रहे थे, उनका इस तरह जाना पूरी व्यवस्था के लिए एक गहरी क्षति है।

निष्कर्ष

श्रीगंगानगर की इस सैन्य छावनी ने आज एक समर्पित अधिकारी खो दिया है। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले ये प्रहरी अपनी फिटनेस और स्वास्थ्य का जितना ध्यान रखते हैं, उसके बावजूद इस तरह की घटनाएं हमें जीवन की नश्वरता का अहसास कराती हैं। सूबेदार मुकेश सिंह राजपूत का बलिदान और उनकी सेवा को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️