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श्रीगंगानगर: सेतिया कॉलोनी में भीषण सड़क हादसा, अनियंत्रित कार ने मचाई तबाही

श्रीगंगानगर। शहर के पॉश इलाके सेतिया कॉलोनी में आज तड़के एक ऐसा सड़क हादसा हुआ जिसने न केवल इलाके की शांति भंग कर दी, बल्कि सैकड़ों घरों की बिजली आपूर्ति को भी ठप कर दिया। एक अनियंत्रित कार की टक्कर से हुए इस हादसे ने सुरक्षा और नौसिखिया चालकों द्वारा बरती जाने वाली लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

तड़के ढाई बजे का वह खौफनाक मंजर

हादसा कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सेतिया कॉलोनी की मुख्य सड़क पर तड़के करीब ढाई बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और आसपास के निवासियों के अनुसार, रात के सन्नाटे में अचानक एक कान फोड़ देने वाली आवाज सुनाई दी। जब लोग अपने घरों से बाहर निकले, तो नजारा बेहद डरावना था। एक तेज रफ्तार सफेद रंग की कार सड़क किनारे खड़े बिजली के खंभों को तोड़ती हुई दो अन्य खड़ी गाड़ियों में जा घुसी थी।

हादसे का कारण: अनुभवहीनता और रफ्तार

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार को एक नौसिखिया चालक चला रहा था। बताया जा रहा है कि मोड़ पर कार की गति काफी अधिक थी और अनुभव की कमी के कारण चालक स्टीयरिंग पर नियंत्रण खो बैठा। कार सड़क से उतरकर सीधे फुटपाथ पर लगे बिजली के खंभों से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि आरसीसी (RCC) के बने दो बिजली के खंभे जड़ से उखड़कर सड़क पर गिर गए। खंभों के गिरते ही तारों में शॉर्ट सर्किट हुआ और आसमान में तेज चिंगारियां उठीं, जिसके तुरंत बाद पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई।

संपत्ति का भारी नुकसान

इस दुर्घटना में केवल बिजली के खंभे ही नहीं टूटे, बल्कि सड़क किनारे पार्क की गई दो अन्य निजी कारें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। दुर्घटना करने वाली कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया है और उसके एयरबैग खुल गए, जिससे चालक की जान तो बच गई लेकिन उसे गंभीर चोटें आई हैं। घायल चालक को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

अंधियारे में डूबी कॉलोनी और प्रशासन की दौड़-धूप

बिजली के खंभे गिरने से सेतिया कॉलोनी और आसपास के बड़े हिस्से में ब्लैकआउट की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही बिजली विभाग (डिस्कॉम) की टीम और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। सुबह होने तक क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त खंभों और कारों को सड़क से हटाने का काम शुरू किया गया। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नुकसान काफी ज्यादा है, क्योंकि ट्रांसफार्मर से जुड़ी मुख्य लाइन के तार टूट गए हैं। नए खंभे लगाने और लाइन को दोबारा चालू करने में शाम तक का समय लग सकता है।

स्थानीय निवासियों में रोष

सेतिया कॉलोनी के निवासियों ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि रात के समय खाली सड़कों पर युवा अक्सर तेज रफ्तार में गाड़ियां दौड़ाते हैं, जिससे ऐसे हादसों का डर बना रहता है। मोहल्ले वासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रिहायशी इलाकों में रात के समय गश्त बढ़ाई जाए और ओवरस्पीडिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

निष्कर्ष: यह हादसा एक चेतावनी है कि आधी रात की सूनी सड़कें सुरक्षित ड्राइविंग का विकल्प नहीं हैं। एक छोटी सी लापरवाही न केवल चालक की जान जोखिम में डालती है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति और सामान्य जनजीवन को भी भारी नुकसान पहुंचाती है।

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