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श्रीगंगानगर-समस्तीपुर होली स्पेशल ट्रेन: प्रवासियों के लिए उत्सव की सौगात

श्रीगंगानगर, जो राजस्थान के अन्न भंडार के रूप में जाना जाता है, यहाँ उत्तर प्रदेश और बिहार के हजारों प्रवासी श्रमिक और पेशेवर निवास करते हैं। होली का त्योहार नजदीक आते ही इन प्रवासियों के लिए अपने घर पहुंचना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए, उत्तर पश्चिम रेलवे ने श्रीगंगानगर से समस्तीपुर (बिहार) के बीच एक विशेष साप्ताहिक ट्रेन चलाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह कदम न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि त्योहार के दौरान होने वाली अतिरिक्त भीड़ को भी नियंत्रित करेगा।


ट्रेन संचालन की पृष्ठभूमि और आवश्यकता

होली भारत के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है, जिसे उत्तर और पूर्वी भारत में विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। श्रीगंगानगर में कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों का एक बड़ा हिस्सा बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आता है। नियमित ट्रेनों में महीनों पहले से सीटें फुल हो जाती हैं, जिसके कारण कई लोग घर जाने से वंचित रह जाते हैं या उन्हें बस के असुरक्षित और महंगे सफर का सहारा लेना पड़ता है।

रेलवे विभाग द्वारा 1 मार्च 2026 से शुरू की जा रही यह ट्रेन (047XX/047XX) उन प्रवासियों के लिए एक ‘लाइफलाइन’ की तरह काम करेगी। इस ट्रेन के संचालन से नियमित ट्रेनों जैसे श्रीगंगानगर-हावड़ा उद्यान आभा एक्सप्रेस पर दबाव कम होगा।

समय सारिणी और रूट का विवरण

यह विशेष ट्रेन साप्ताहिक आधार पर संचालित की जाएगी। जानकारी के अनुसार:

  • प्रस्थान: यह ट्रेन श्रीगंगानगर से प्रत्येक रविवार को दोपहर के समय रवाना होगी।

  • आगमन: लंबी दूरी तय करने के बाद, यह अगले दिन दोपहर तक समस्तीपुर पहुंचेगी।

  • वापसी: समस्तीपुर से यह प्रत्येक सोमवार की रात को प्रस्थान करेगी और मंगलवार शाम तक श्रीगंगानगर वापस पहुंचेगी।

प्रमुख ठहराव: यह ट्रेन अपनी यात्रा के दौरान हनुमानगढ़, बठिंडा, अंबाला कैंट, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, गोरखपुर और छपरा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। इन ठहरावों के कारण न केवल बिहार, बल्कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।

यात्रियों के लिए सुविधाएं और श्रेणी

रेलवे ने इस ट्रेन में यात्रियों के आराम का विशेष ध्यान रखा है। ट्रेन में एलएचबी (LHB) कोच लगाए गए हैं, जो तेज रफ्तार के साथ-साथ सुरक्षित भी हैं। इसमें निम्नलिखित श्रेणियां उपलब्ध होंगी:

  1. थ्री टियर एसी (3AC): मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए आरामदायक यात्रा।

  2. स्लीपर क्लास (Sleeper): बजट यात्रियों के लिए सबसे पसंदीदा विकल्प।

  3. जनरल कोच (General): अंतिम समय में टिकट लेने वाले यात्रियों के लिए।


स्थानीय निवासियों और प्रवासियों में उत्साह

इस घोषणा के बाद श्रीगंगानगर के स्थानीय रेलवे स्टेशनों पर टिकट खिड़कियों और ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल पर गहमागहमी बढ़ गई है। स्थानीय प्रवासी संघों ने रेलवे प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि श्रीगंगानगर से सीधे बिहार के लिए बहुत कम ट्रेनें हैं, और त्योहारों के समय एक विशेष ट्रेन का मिलना किसी उपहार से कम नहीं है।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने भी इस स्पेशल ट्रेन के संचालन को देखते हुए स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की योजना बनाई है, ताकि भीड़ के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

निष्कर्ष

श्रीगंगानगर-समस्तीपुर होली स्पेशल ट्रेन केवल एक परिवहन साधन नहीं है, बल्कि यह उन हजारों परिवारों की खुशियों का जरिया है जो साल भर इस त्योहार का इंतजार करते हैं। रेलवे का यह संवेदनात्मक निर्णय यह दर्शाता है कि आम आदमी की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है। 1 मार्च से शुरू होने वाला यह सफर प्रवासियों की होली को इस साल और भी रंगीन और सुगम बना देगा।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️