
श्रीगंगानगर। सरहदी जिले श्रीगंगानगर में कुदरत का मिजाज इन दिनों काफी सख्त बना हुआ है। 26 जनवरी 2026 को जहां पूरा जिला गणतंत्र दिवस के उल्लास में डूबा था, वहीं दूसरी ओर मौसम के बदले मिजाज ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। जिले के निवासियों को इस समय ‘दोहरी मार’ का सामना करना पड़ रहा है—एक तरफ हाड़ कंपा देने वाली शीतलहर (Cold Wave) और दूसरी तरफ जहरीला होता प्रदूषण।
तापमान में भारी गिरावट: 5 डिग्री से नीचे पहुंचा पारा
सोमवार, 26 जनवरी की सुबह श्रीगंगानगर के लिए बेहद ठंडी रही। मौसम विभाग के अनुसार, जिले का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे दर्ज किया गया। सुबह के समय चलने वाली बर्फीली हवाओं ने गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने वाले लोगों को भारी ऊनी कपड़ों और अलाव का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।
उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण दिन के अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई है, जिससे ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि यह ठंड रबी की फसलों (जैसे गेहूं और सरसों) के लिए कुछ हद तक फायदेमंद है, लेकिन पाला (Frost) पड़ने की आशंका ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।
प्रदूषण का कहर: AQI पहुंचा 219 के पार
ठंड के साथ-साथ जिले की आबोहवा में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। श्रीगंगानगर, जो कभी अपनी साफ हवा के लिए जाना जाता था, वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 219 तक पहुंच गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स के अनुसार, 200 से ऊपर का स्तर ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में आता है।
प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
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हवा की गति कम होना: ठंड के कारण भारी हवा जमीन के करीब बैठ गई है, जिससे धूल और धुएं के कण वायुमंडल में ऊपर नहीं जा पा रहे।
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स्मॉग की चादर: कोहरे और प्रदूषण के मिलन से शहर में ‘स्मॉग’ की गहरी परत छा गई है। इसके कारण दृश्यता (Visibility) घटकर मात्र 50 से 100 मीटर रह गई है।
जनजीवन पर प्रभाव: दृश्यता कम, स्वास्थ्य पर खतरा
कम दृश्यता के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों और लिंक रोड पर वाहनों की आवाजाही काफी धीमी रही। सुबह के समय वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी की है कि खराब AQI के कारण बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारी (जैसे अस्थमा) से पीड़ित लोगों को घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतनी चाहिए। अस्पतालों में ओपीडी में भी जुकाम, खांसी और सांस लेने में तकलीफ के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है।
मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने श्रीगंगानगर सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए अगले 24 से 48 घंटों के लिए ‘शीतलहर का अलर्ट’ जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में घना कोहरा छाया रह सकता है और रात के तापमान में और भी कमी आने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचें और ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम रखें।