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श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन का बदला स्वरूप: आधुनिक सुविधाओं से लैस हुआ सरहदी स्टेशन

श्रीगंगानगर। उत्तर-पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल के अंतर्गत आने वाले श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन के लिए आज 10 मार्च 2026 का दिन विकास की एक नई इबारत लिख रहा है। ‘अमृत भारत स्टेशन’ योजना के तहत चल रहे पुनर्विकास कार्यों के बीच, स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार का एक बड़ा चरण पूरा हो गया है। लंबे समय से प्रतीक्षित दूसरी लिफ्ट और अत्याधुनिक फुटओवर ब्रिज (FOB) अब यात्रियों की सेवा के लिए लगभग तैयार हैं।

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए ‘सुगम’ सफर

श्रीगंगानगर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या एक से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए यात्रियों को भारी सामान के साथ सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती थीं। विशेषकर बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और दिव्यांग यात्रियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी।

  • दूसरी लिफ्ट का सफल परीक्षण: स्टेशन के मुख्य प्लेटफॉर्म के दूसरी ओर स्थापित की गई दूसरी लिफ्ट का इंस्टॉलेशन और टेक्निकल ट्रायल पूरा कर लिया गया है। यह लिफ्ट आधुनिक सुरक्षा मानकों से लैस है, जिसमें ‘ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस’ (ARD) भी लगा है, जो बिजली कटने की स्थिति में लिफ्ट को नजदीकी फ्लोर पर सुरक्षित ले आता है।

  • कनेक्टिविटी: अब यात्री बिना सीढ़ी चढ़े सीधे एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक का सफर तय कर सकेंगे, जिससे स्टेशन पर भीड़भाड़ का प्रबंधन भी बेहतर होगा।


10 करोड़ की लागत से बना ‘नया फुटओवर ब्रिज’ (FOB)

स्टेशन के आधुनिकीकरण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 10 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बन रहा नया फुटओवर ब्रिज है। यह केवल एक पुल मात्र नहीं है, बल्कि स्टेशन के सौंदर्य और क्षमता को बढ़ाने वाला एक बड़ा प्रोजेक्ट है।

FOB की मुख्य विशेषताएं:

  1. अधिक चौड़ाई: पुराने पुल की तुलना में इसकी चौड़ाई काफी अधिक रखी गई है, जिससे ‘पीक ऑवर्स’ (जब एक साथ दो ट्रेनें आती हैं) के दौरान यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी।

  2. शेड और रोशनी: पूरे पुल को आधुनिक टीन शेड से ढका गया है ताकि बारिश और धूप से बचाव हो सके। रात के समय यात्रियों की सुरक्षा के लिए ‘हाई-लुमेन’ एलईडी लाइट्स लगाई गई हैं।

  3. एंटी-स्किड फ्लोरिंग: बारिश के मौसम में फिसलन से बचाने के लिए पुल की सतह पर विशेष एंटी-स्किड टाइल्स का प्रयोग किया गया है।


अमृत भारत स्टेशन योजना का प्रभाव

यह आधुनिकीकरण केंद्र सरकार की ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य रेलवे स्टेशनों को ‘सिटी सेंटर’ के रूप में विकसित करना है। श्रीगंगानगर स्टेशन पर केवल पुल और लिफ्ट ही नहीं, बल्कि अन्य बुनियादी ढांचे में भी सुधार किया जा रहा है:

  • प्रवेश द्वार का सौंदर्यीकरण: स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार को राजस्थानी वास्तुकला और आधुनिक डिजाइन का मिश्रण दिया जा रहा है।

  • डिजिटल डिस्प्ले: ट्रेनों की आवाजाही और कोच पोजीशन की जानकारी के लिए बड़े एलईडी बोर्ड लगाए गए हैं।

  • वेटिंग हॉल: जनरल और स्लीपर क्लास के यात्रियों के लिए प्रतीक्षा कक्षों में एसी और आरामदायक कुर्सियों की संख्या बढ़ाई गई है।


स्थानीय निवासियों और यात्रियों की प्रतिक्रिया

रेलवे सलाहकार समिति के सदस्यों और स्थानीय दैनिक यात्रियों ने इस विकास का स्वागत किया है। स्थानीय नागरिक परिषद का कहना है कि, “श्रीगंगानगर एक जिला मुख्यालय है जहाँ से दिल्ली, जयपुर और हरिद्वार जैसी लंबी दूरी की ट्रेनें चलती हैं। इन सुविधाओं के शुरू होने से न केवल स्थानीय लोगों को फायदा होगा, बल्कि व्यापारियों और सेना के जवानों को भी सुविधा होगी।”

आगामी लक्ष्य और उद्घाटन

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नए फुटओवर ब्रिज का फिनिशिंग टच और पेंटिंग का काम अगले कुछ दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि इसी माह के अंत तक किसी वरिष्ठ जनप्रतिनिधि या रेलवे जीएम के हाथों इसका औपचारिक उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।

निष्कर्ष

रेलवे स्टेशन का यह आधुनिकीकरण श्रीगंगानगर के बुनियादी ढांचे में एक मील का पत्थर है। 10 करोड़ रुपये का निवेश और लिफ्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं न केवल यात्रा को सुखद बनाएंगी, बल्कि यह जिले के बढ़ते महत्व को भी दर्शाता है। आने वाले समय में जब यह स्टेशन पूरी तरह बनकर तैयार होगा, तो यह राजस्थान के सबसे सुसज्जित स्टेशनों की सूची में शामिल होगा।

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