
श्रीगंगानगर: राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर और आसपास के बीकानेर संभाग में प्रकृति एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए क्षेत्र में हल्की वर्षा, मेघगर्जन और घने कोहरे का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण अगले 24 से 48 घंटों में मौसम की गतिविधियों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव: क्या होगा बदलाव?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हुए विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के वायुमंडल में चक्रवातीय घेरा बना है। इसका सीधा असर श्रीगंगानगर के तापमान और हवा की दिशा पर पड़ रहा है।
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तापमान में बढ़ोतरी: आमतौर पर बारिश से ठंड बढ़ती है, लेकिन इस बार विक्षोभ के कारण बादलों की आवाजाही से न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। इससे रात के समय होने वाली हाड़ कंपाने वाली ठंड से लोगों को अस्थायी राहत मिलेगी।
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हल्की बारिश और बूंदाबांदी: जिले के कुछ हिस्सों, विशेषकर सादुलशहर, अनूपगढ़ और श्रीकरणपुर के इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी की प्रबल संभावना है।
कोहरे का दोहरा वार
भले ही रात का तापमान बढ़ेगा, लेकिन वातावरण में बढ़ती नमी और हवा की धीमी गति के कारण सुबह के समय धुंध और कोहरे का प्रभाव बना रहेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अलसुबह दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम रह सकती है, जो विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन चालकों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगा।
खेती-किसानी पर असर: वरदान या अभिशाप?
श्रीगंगानगर, जिसे ‘राजस्थान का अन्न भंडार’ कहा जाता है, वहां इस समय गेहूं और सरसों की फसलें अपने महत्वपूर्ण चरण में हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि:
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गेहूं के लिए अमृत: यदि हल्की बूंदाबांदी होती है, तो यह गेहूं की फसल के लिए ‘मावट’ के समान होगी, जिससे पैदावार में सुधार होगा।
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सरसों को खतरा: यदि बारिश के साथ ओलावृष्टि होती है या बादल लंबे समय तक छाए रहते हैं, तो सरसों की फसल में कीटों (चेपा) का प्रकोप बढ़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे सिंचाई और उर्वरकों का प्रयोग मौसम को देखकर ही करें।
स्वास्थ्य और सावधानी के निर्देश
बदलते मौसम के कारण जिला स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है। सर्दी-जुकाम और मौसमी बुखार (Viral Fever) के बढ़ने की संभावना को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
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यातायात सावधानी: कोहरे के दौरान वाहनों की हेडलाइट और इंडिकेटर का सही प्रयोग करें।
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ऊनी कपड़े: तापमान बढ़ने के बावजूद ठंडी हवाओं से बचाव के लिए पर्याप्त गरम कपड़े पहनें।
निष्कर्ष
आगामी 24 घंटे श्रीगंगानगर के लिए मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं। जहां एक ओर बादलों की ओट से रात की ठंड कम होगी, वहीं दूसरी ओर संभावित बारिश धूल और प्रदूषण को कम कर हवा को साफ करेगी। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटा जा सके।