
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती और उत्तरी जिले श्रीगंगानगर में मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। आज, 9 फरवरी 2026 को क्षेत्र में एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के स्पष्ट संकेत मिले हैं। हालांकि आज सुबह की शुरुआत साफ आसमान और खिली हुई धूप के साथ हुई, जिससे लोगों को पिछले दिनों की कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत महसूस हुई, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह शांति केवल एक बड़े बदलाव की आहट है।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव और बादलों की आवाजाही
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हुए इस विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के वायुमंडल में दबाव का क्षेत्र बदल रहा है। दोपहर बाद से ही आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है। संभावना जताई जा रही है कि अगले 24 से 48 घंटों में बादलों का घेरा और गहरा होगा।
यद्यपि अभी भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है, लेकिन जिले के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी (Drizzling) और तेज ठंडी हवाएं चलने की प्रबल संभावना है। बादलों के छाने के कारण सूर्य की तपिश कम होगी, जिससे दिन के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
तापमान का गणित: रातें हुईं नरम, दिन में रहेगी ठंडक
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो श्रीगंगानगर के न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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न्यूनतम तापमान: तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने से रात की ठिठुरन कम हुई है।
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अधिकतम तापमान: धूप खिलने के बावजूद ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने पारा बढ़ने नहीं दिया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी पश्चिमी विक्षोभ आता है, तो वह अपने साथ नमी लेकर आता है, जिससे रात का तापमान बढ़ जाता है लेकिन दिन में बादलों के कारण धूप नहीं निकल पाती, जिससे ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बन जाती है।
किसानों के लिए सलाह: फसलों पर असर
श्रीगंगानगर एक प्रमुख कृषि बेल्ट है, इसलिए मौसम का यह बदलाव सीधे तौर पर फसलों को प्रभावित करता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को निम्नलिखित सलाह दी है:
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सिंचाई: यदि बूंदाबांदी की संभावना बढ़ती है, तो फिलहाल फसलों में भारी सिंचाई से बचें।
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कीटों का खतरा: बादलों वाले मौसम और नमी के कारण सरसों और गेहूं की फसल में चेपा या अन्य कीटों का हमला बढ़ सकता है, इसलिए निरंतर निगरानी रखें।
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कटाई: जिन किसानों की अगेती सरसों की फसल कटाई के करीब है, वे मौसम साफ होने तक इंतजार करें।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
अगले दो दिनों तक जिले में ठंडी हवाओं का दौर हल्का बना रहेगा। सुबह के समय हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है, जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) प्रभावित हो सकती है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे सुबह की यात्रा के दौरान सावधानी बरतें। 11 फरवरी के बाद इस विक्षोभ के आगे निकल जाने की उम्मीद है, जिसके बाद एक बार फिर आसमान साफ होगा और पारा नीचे गिर सकता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, फरवरी का यह दूसरा सप्ताह श्रीगंगानगर वासियों के लिए मिश्रित मौसम लेकर आया है। एक तरफ जहां न्यूनतम तापमान बढ़ने से राहत है, वहीं दूसरी ओर बादलों की लुका-छिपी और संभावित बूंदाबांदी ने एक बार फिर जैकेट और स्वेटर निकालने पर मजबूर कर दिया है।