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श्रीगंगानगर मौसम अपडेट: मावट के बाद हाड़ कंपाने वाली ठंड, कोहरे ने थामी रफ्तार

श्रीगंगानगर। राजस्थान के उत्तरी छोर पर स्थित श्रीगंगानगर जिला इस समय भीषण शीत लहर और घने कोहरे की आगोश में है। 31 दिसंबर को साल के अंतिम दिन हुई मावट (शीतकालीन वर्षा) ने न केवल मौसम का मिजाज बदला, बल्कि नए साल की शुरुआत के साथ ही पूरे जिले को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 3 जनवरी 2026 को जिले में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।


मावट का असर: ठिठुरन में भारी बढ़ोतरी

दिसंबर के आखिरी दिन हुई हल्की बारिश के बाद वातावरण में नमी का स्तर अचानक बढ़ गया। मावट के बाद चलने वाली बर्फीली उत्तरी हवाओं ने तापमान में भारी गिरावट ला दी है। शनिवार सुबह जिले का न्यूनतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे दर्ज किया गया। यह मावट फसलों (विशेषकर गेहूं और सरसों) के लिए तो अमृत मानी जा रही है, लेकिन आम जनजीवन के लिए इसने ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी परिस्थितियां पैदा कर दी हैं।

‘ऑरेंज अलर्ट’ और घने कोहरे का कहर

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, श्रीगंगानगर और आसपास के क्षेत्रों में अति घना कोहरा (Very Dense Fog) छाए रहने की संभावना है। 3 जनवरी की सुबह जिले के अधिकांश हिस्सों में दृश्यता (Visibility) शून्य से 50 मीटर के बीच रही।

  • यातायात पर प्रभाव: घने कोहरे के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों और लिंक रोड पर वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। वाहन चालक हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर रेंगने को मजबूर हैं।

  • रेलवे और बसें: श्रीगंगानगर से दिल्ली और पंजाब की ओर जाने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। वहीं, राजस्थान रोडवेज की बसों के संचालन में भी देरी देखी जा रही है।


स्वास्थ्य और जनजीवन पर प्रभाव

कड़ाके की ठंड और ओस की बूंदों ने आम आदमी की दिनचर्या बदल दी है। लोग सुबह और शाम के समय अलाव का सहारा ले रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह मौसम हृदय रोगियों, अस्थमा के मरीजों और छोटे बच्चों के लिए घातक हो सकता है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि:

  1. अनावश्यक रूप से सुबह जल्दी घर से बाहर न निकलें।

  2. वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करें और गति धीमी रखें।

  3. ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों की परतों का उपयोग करें।

फसलों के लिए उम्मीद और डर

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह ठंड रबी की फसलों के लिए फायदेमंद है, क्योंकि कम तापमान दाने की गुणवत्ता में सुधार करता है। हालांकि, यदि आने वाले दिनों में पाला (Frost) गिरता है, तो सब्जी की फसलों और नई कोपलों को नुकसान होने की आशंका भी बनी हुई है।


आगामी दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल आगामी 48 से 72 घंटों तक राहत के आसार नहीं हैं। कोहरे की चादर और घनी हो सकती है। उत्तर से आने वाली सर्द हवाएं अभी तापमान को और नीचे ले जा सकती हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और बिजली आपूर्ति व आवश्यक सेवाओं को बहाल रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

निष्कर्ष: श्रीगंगानगर के लिए जनवरी का यह सप्ताह चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। मावट के बाद सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने पूरे जिले को शीतकालीन आपदा जैसी स्थिति में डाल दिया है। सुरक्षा और सावधानी ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️