
राजस्थान का उत्तरी जिला श्रीगंगानगर, जो अपनी अत्यधिक सर्दी और भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है, एक बार फिर मौसम के बदलते मिजाज का केंद्र बना हुआ है। आज 23 फरवरी, 2026 को जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार, जिले और इसके आसपास के क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। हालांकि, आने वाले दिनों के लिए मौसम विभाग ने जो पूर्वानुमान जारी किया है, वह सर्दी की विदाई और गर्मी की दस्तक का स्पष्ट संकेत दे रहा है।
अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान: 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी
मौसम केंद्र जयपुर (IMD) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, श्रीगंगानगर में अगले 48 घंटों के भीतर तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा सकती है। अनुमान है कि जिले के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ेगा। विशेष रूप से दोपहर के समय हल्की गर्मी का अहसास होने लगेगा, जो इस बात का संकेत है कि शीत ऋतु अब अपने अंतिम पड़ाव पर है।
राजस्थान का समग्र परिदृश्य: एक सप्ताह तक मौसम साफ
न केवल श्रीगंगानगर, बल्कि पूरे राजस्थान में मौसम का मिजाज फिलहाल स्थिर रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना है। किसी भी प्रकार के पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय न होने के कारण बारिश या ओलावृष्टि की कोई संभावना नहीं जताई गई है। तेज धूप और शुष्क हवाओं के कारण दिन के समय वातावरण में नमी कम रहेगी, जिससे तपिश बढ़ेगी।
तापमान में वृद्धि के मुख्य कारण
श्रीगंगानगर में तापमान बढ़ने के पीछे कई भौगोलिक और वायुमंडलीय कारक काम कर रहे हैं:
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एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन: वर्तमान में हवाओं का रुख बदल रहा है, जिससे गर्म हवाएं मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रही हैं।
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पश्चिमी विक्षोभ का अभाव: पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला थमने और उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं की गति कम होने के कारण मैदानी इलाकों में पारा चढ़ रहा है।
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साफ आसमान: बादलों की अनुपस्थिति के कारण सौर विकिरण (Solar Radiation) सीधे धरती तक पहुँच रहा है, जिससे दिन का तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
कृषि और स्वास्थ्य पर प्रभाव
तापमान में यह अचानक उतार-चढ़ाव श्रीगंगानगर के किसानों और आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है:
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फसलों पर असर: श्रीगंगानगर एक प्रमुख कृषि प्रधान जिला है। वर्तमान में गेहूँ और सरसों की फसलें पकने की अवस्था में हैं। यदि तापमान में बहुत तेजी से वृद्धि होती है, तो गेहूँ के दाने सूखने या समय से पहले पकने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे पैदावार प्रभावित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को हल्की सिंचाई जारी रखने की सलाह दी है।
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स्वास्थ्य संबंधी सावधानी: बदलते मौसम में वायरल इन्फेक्शन और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। दिन में गर्मी और सुबह-शाम की हल्की ठंड के कारण शरीर का तापमान असंतुलित हो सकता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस संक्रमण काल में खान-पान और कपड़ों के चुनाव में सावधानी बरतें।
आगामी दिनों की तैयारी
फरवरी के अंतिम सप्ताह में तापमान का इस स्तर पर पहुँचना इस ओर इशारा करता है कि इस वर्ष मार्च का महीना सामान्य से अधिक गर्म हो सकता है। श्रीगंगानगर के निवासियों ने अब भारी ऊनी कपड़ों को समेटना शुरू कर दिया है और दिन के समय पंखों का उपयोग भी इक्का-दुक्का स्थानों पर शुरू हो गया है।
मौसम विभाग का सुझाव:
“अगले सात दिनों तक आसमान साफ रहेगा, इसलिए किसी भी बाहरी कार्य या कृषि संबंधी गतिविधियों के लिए यह समय अनुकूल है। हालांकि, बढ़ते तापमान को देखते हुए दोपहर के समय सीधी धूप से बचने का प्रयास करें।”