
श्रीगंगानगर। राजस्थान के उत्तरी छोर पर स्थित सरहदी जिले श्रीगंगानगर में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। पिछले कुछ दिनों से जारी बादलों की आवाजाही और हल्की बूंदाबांदी के दौर के बाद, आज 24 फरवरी 2026 को आसमान पूरी तरह साफ और मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर अब कम हो रहा है, जिससे आने वाले दिनों में गर्मी की दस्तक महसूस की जा सकती है।
सुबह का कोहरा और दिन की चटक धूप
आज सुबह की शुरुआत हल्के कोहरे और धुंध के साथ हुई, जिसने दृश्यता (Visibility) को कुछ हद तक प्रभावित किया। हालांकि, यह कोहरा अधिक समय तक नहीं टिका और सूरज की पहली किरण के साथ ही छंटने लगा।
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तापमान का खेल: मौसम विभाग का अनुमान है कि आज अधिकतम तापमान 26°C से 28°C के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 11°C से 13°C के आसपास रहने की संभावना है।
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हवा की दिशा: वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं चल रही हैं, जो वातावरण में नमी को कम कर रही हैं। दिन चढ़ने के साथ धूप की तपिश बढ़ेगी, जिससे दोपहर के समय हल्की गर्मी का अहसास होगा।
पश्चिमी विक्षोभ की विदाई और शुष्कता
पिछले सप्ताह जिले के कुछ हिस्सों में हुई हल्की मावठ (शीतकालीन वर्षा) ने फसलों को जीवनदान दिया था, लेकिन अब वातावरण में स्थिरता आ गई है। IMD के अनुसार, फिलहाल कोई नया सक्रिय विक्षोभ नजर नहीं आ रहा है, जिसका अर्थ है कि अगले एक सप्ताह तक मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा। रातें अभी भी सुहावनी और हल्की ठंडी बनी रहेंगी, लेकिन दिन के तापमान में लगातार 1 से 2 डिग्री की वृद्धि दर्ज की जा सकती है।
किसानों के लिए ‘गोल्डन पीरियड’: रबी की फसलों की संभाल
श्रीगंगानगर एक प्रमुख कृषि प्रधान जिला है, और फरवरी का अंतिम सप्ताह यहाँ की मुख्य फसलों (गेहूं, सरसों, चना और जौ) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। मौसम के इस शुष्क दौर को विशेषज्ञों ने किसानों के लिए एक अवसर बताया है।
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गेहूं की फसल: गेहूं की फसल इस समय बालियां निकलने या दाना भरने की अवस्था में है। खिली हुई धूप और शुष्क मौसम गेहूं के दानों की चमक और वजन बढ़ाने में सहायक होगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मिट्टी की नमी के आधार पर हल्की सिंचाई जारी रखें ताकि गर्म हवाओं (लू जैसी स्थिति) का असर फसल पर न पड़े।
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सरसों की कटाई: अगेती सरसों की फसल अब पककर तैयार हो चुकी है। मौसम साफ रहने के कारण किसान बिना किसी डर के कटाई और क्रेसिंग का कार्य निपटा सकते हैं। बादल छाने या बारिश होने की स्थिति में कटी हुई फसल के खराब होने का डर रहता है, इसलिए अगले कुछ दिन कटाई के लिए उत्तम हैं।
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रोगों पर नियंत्रण: नमी कम होने और धूप बढ़ने से फसलों में ‘चेपा’ (Aphids) या फफूंद जनित रोगों का खतरा कम हो जाता है। फिर भी, किसानों को नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य और जीवनशैली पर असर
बदलते मौसम के इस दौर को ‘संधिकाल’ कहा जाता है, जहाँ सुबह-शाम की ठंड और दिन की गर्मी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकती है। डॉक्टरों ने इस दौरान वायरल बुखार और मौसमी बीमारियों से बचने के लिए खान-पान में सावधानी बरतने और अचानक ठंडे पानी के सेवन से बचने की सलाह दी है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
आने वाले 48 घंटों में श्रीगंगानगर का आसमान मुख्य रूप से नीला और साफ रहेगा। हवा की गति 10-15 किमी प्रति घंटा रह सकती है। मार्च की शुरुआत के साथ ही ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव और अधिक स्पष्ट होने लगेगा।
निष्कर्ष: श्रीगंगानगर के लिए आज का दिन राहत भरा है। जहाँ एक ओर शहरवासियों को कोहरे से मुक्ति मिली है, वहीं दूसरी ओर अन्नदाता के लिए यह साफ मौसम अपनी मेहनत को घर लाने का सही समय है।