
श्रीगंगानगर। राजस्थान के उत्तरी छोर पर स्थित ‘मरुप्रदेश के धान के कटोरे’ यानी श्रीगंगानगर में मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। आज 12 फरवरी 2026 को जिले के मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के दौर के बाद अब सूरज की तपिश बढ़ने लगी है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उत्तर भारत से अब सर्दियों की विदाई का समय करीब आ गया है।
तापमान का गणित: दिन में गर्मी, रात में नरमी
मौसम विभाग (IMD) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, आज श्रीगंगानगर का अधिकतम तापमान 25°C से 27°C के बीच दर्ज किए जाने का अनुमान है। यह सामान्य से थोड़ा अधिक है। पिछले महीने तक जहां पारा 10 डिग्री के नीचे संघर्ष कर रहा था, वहीं अब दोपहर के समय चटख धूप ने लोगों को स्वेटर और जैकेट उतारने पर मजबूर कर दिया है।
हालांकि, राजस्थान की भौगोलिक स्थिति के कारण ‘डिवाइसनल टेम्परेचर’ (दिन और रात के तापमान में अंतर) अभी भी बना हुआ है। जहां दिन में हल्की गर्मी का अहसास होता है, वहीं रात और सुबह के समय न्यूनतम तापमान 8°C से 10°C के आसपास बना रहता है, जिससे हल्की सिहरन महसूस होती है।
मौसम शुष्क रहने का अनुमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में कोई भी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) राजस्थान के ऊपर प्रभावी नहीं है। इसके परिणामस्वरूप:
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आसमान साफ रहेगा: आने वाले 4-5 दिनों तक आसमान पूरी तरह साफ और नीला दिखाई देगा।
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तेज धूप: बादलों की अनुपस्थिति के कारण सूरज की किरणें सीधे धरती तक पहुँच रही हैं, जिससे ‘हीटिंग इफेक्ट’ बढ़ गया है।
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शुष्क हवाएं: उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं चलने से वातावरण में नमी (Humidity) का स्तर कम हो गया है।
खेती-बाड़ी पर प्रभाव: किसानों के लिए महत्वपूर्ण समय
श्रीगंगानगर एक कृषि प्रधान जिला है, इसलिए मौसम का हर छोटा बदलाव यहां की फसलों पर बड़ा असर डालता है।
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गेहूं की फसल: इस समय खेतों में गेहूं की फसल पकने की ओर अग्रसर है। हल्की गर्मी गेहूं के दानों को पुष्ट बनाने में सहायक होती है। हालांकि, यदि तापमान अचानक बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो फसल के जल्दी पकने का डर रहता है जिससे पैदावार प्रभावित हो सकती है।
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सरसों की कटाई: कई इलाकों में सरसों की कटाई का काम शुरू हो चुका है। शुष्क मौसम कटाई और थ्रेशिंग के लिए बिल्कुल अनुकूल है।
स्वास्थ्य के प्रति सावधानी जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि यह ‘संधि काल’ (दो ऋतुओं का मिलन) सेहत के लिहाज से काफी संवेदनशील होता है। दिन में तेज धूप और रात की ठंड के कारण शरीर का तापमान असंतुलित हो सकता है।
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बदलते मौसम की बीमारियां: इस समय सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर और गले में संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं।
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सावधानी: दोपहर में पसीना आने पर तुरंत ठंडा पानी पीने या एसी चलाने से बचना चाहिए। सुबह और रात के वक्त अभी भी गर्म कपड़ों का हल्का प्रयोग जरूरी है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग की मानें तो फरवरी के अंतिम सप्ताह तक श्रीगंगानगर में गर्मी का असर और तेज होगा। मार्च की शुरुआत के साथ ही लू (Loo) जैसी स्थिति तो नहीं, लेकिन शुष्क गर्म हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। फिलहाल, श्रीगंगानगर के निवासी इस ‘गुलाबी सर्दी’ के अंतिम दिनों का आनंद ले रहे हैं, लेकिन दोपहर की धूप अब धीरे-धीरे तीखी होने लगी है।