
श्रीगंगानगर। राजस्थान के उत्तरी छोर पर स्थित “धान का कटोरा” कहे जाने वाले श्रीगंगानगर जिले में मौसम एक बार फिर अपनी चाल बदलने को तैयार है। आज, 16 फरवरी, 2026 को जिले में सुबह से ही तेज धूप खिली रही, जिससे लोगों को पिछले कुछ दिनों की कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत महसूस हुई। हालांकि, यह राहत अस्थायी साबित हो सकती है, क्योंकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 48 घंटों के लिए जिले में येलो अलर्ट जारी किया है।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव और बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया और प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। इस मौसमी तंत्र का सीधा असर उत्तरी राजस्थान के जिलों, विशेषकर श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर पर पड़ने की पूरी संभावना है।
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17 और 18 फरवरी की चेतावनी: विभाग ने अनुमान जताया है कि 17 फरवरी की देर रात से आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। 18 फरवरी को जिले के अधिकांश हिस्सों में मध्यम दर्जे की बारिश होने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।
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हवा की गति: इस दौरान क्षेत्र में 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। यह तेज हवाएं न केवल ठिठुरन बढ़ाएंगी, बल्कि धूल भरी आंधी जैसी स्थिति भी पैदा कर सकती हैं।
तापमान में उतार-चढ़ाव: फिर लौटेगी ठंड
आज 16 फरवरी को अधिकतम तापमान 24°C से 26°C के बीच दर्ज किया गया, जिससे दिन में हल्की गर्माहट महसूस की गई। लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि बारिश और ठंडी हवाओं के कारण आगामी दो दिनों में दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।
रात के तापमान (न्यूनतम तापमान) में भी कमी दर्ज की जाएगी, जिससे रातें और अधिक सर्द हो जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना भी बनी रहेगी।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
श्रीगंगानगर एक प्रमुख कृषि प्रधान जिला है, जहाँ वर्तमान में गेहूं, सरसों और चने की फसलें खेतों में लहलहा रही हैं। मौसम में आ रहे इस बदलाव का फसलों पर दोहरा असर पड़ सकता है:
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फायदे: यदि बारिश हल्की और मध्यम रहती है, तो यह गेहूं की फसल के लिए “अमृत” के समान होगी। इससे दानों की गुणवत्ता में सुधार होगा और सिंचाई की आवश्यकता कम होगी।
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नुकसान: यदि बारिश के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) होती है या हवाएं बहुत तेज चलती हैं, तो सरसों की पकी हुई फसल को नुकसान पहुँच सकता है। तेज हवाओं से फसलें बिछ (Lodging) सकती हैं।
कृषि विशेषज्ञों का सुझाव:
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किसानों को सलाह दी गई है कि वे अगले दो दिनों तक फसलों में सिंचाई और कीटनाशक का छिड़काव रोक दें।
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कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर या तिरपाल से ढककर रखें ताकि नमी से बचाव हो सके।
आम जनजीवन पर असर
बारिश और ठंडी हवाओं के कारण आम जनजीवन भी प्रभावित हो सकता है। तापमान में अचानक आने वाली इस गिरावट से मौसमी बीमारियों (सर्दी, जुकाम, बुखार) का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनने और ठंडी हवाओं से बचने की सलाह दी है।
सड़क यातायात के लिहाज से भी सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि बारिश के दौरान दृश्यता (Visibility) कम हो सकती है और सड़कों पर फिसलन की स्थिति बन सकती है।
अगले 5 दिनों का अनुमानित तापमान चार्ट
| दिनांक | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान | मौसम की स्थिति |
| 16 फरवरी | 25°C | 11°C | साफ आसमान / तेज धूप |
| 17 फरवरी | 22°C | 12°C | आंशिक रूप से बादल |
| 18 फरवरी | 19°C | 09°C | मध्यम बारिश / तेज हवाएं |
| 19 फरवरी | 20°C | 08°C | हल्का कोहरा / ठंड |
| 20 फरवरी | 22°C | 09°C | आसमान साफ |