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श्रीगंगानगर मौसम अपडेट: कोहरे की चादर और ठिठुरन भरी रातें

श्रीगंगानगर जिले में आज सुबह की शुरुआत घने और सफेद कोहरे के साथ हुई। स्थिति यह थी कि सुबह 8 बजे तक मुख्य सड़कों और नेशनल हाईवे पर विजिबिलिटी (दृश्यता) 20 से 50 मीटर तक सिमट गई थी। इस कारण वाहन चालकों को अपनी हेडलाइट्स और इंडिकेटर्स जलाकर रेंगते हुए चलना पड़ा।

तापमान का गणित: जमाव बिंदु के करीब का अहसास

मौसम विभाग के अनुसार, आज श्रीगंगानगर का न्यूनतम तापमान 8°C से 9°C के बीच दर्ज किया गया। हालांकि, बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलने के कारण ‘फील लाइक’ (महसूस होने वाला) तापमान इससे भी कम रहा। अधिकतम तापमान भी 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की संभावना है, जिससे दिन में भी धूप बेअसर नजर आ रही है।


पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का साया

मौसम वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। कल, 31 जनवरी से उत्तर भारत के पहाड़ों पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसका सीधा असर श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के बेल्ट पर देखने को मिलेगा:

  1. आसमान में बादलों की आवाजाही: कल दोपहर से ही बादलों की परत जमने लगेगी।

  2. हल्की बूंदाबांदी: 31 जनवरी की रात या 1 फरवरी की सुबह जिले के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा (Drizzle) हो सकती है।

  3. तापमान में उतार-चढ़ाव: बादलों के आने से न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी (ठंड से राहत) होगी, लेकिन जैसे ही बादल छंटेंगे, ‘शीत लहर’ (Cold Wave) का दूसरा दौर शुरू हो सकता है।


खेती पर असर: अमृत या आफत?

श्रीगंगानगर एक कृषि प्रधान जिला है, इसलिए मौसम का हर बदलाव यहाँ की फसलों से जुड़ता है।

  • गेहूं और सरसों: वर्तमान में पड़ रही ठंड गेहूं की फसल के लिए ‘अमृत’ के समान मानी जा रही है। कोहरे के कारण नमी बनी रहने से दाना अच्छा बनेगा।

  • मावट की उम्मीद: यदि पश्चिमी विक्षोभ से हल्की बारिश होती है, तो इसे ‘मावट’ कहा जाएगा, जो सिंचाई के पानी की कमी झेल रहे किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी।

  • चेतावनी: हालांकि, कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे सरसों की फसल पर ‘चेपा’ रोग और गेहूं में ‘पीला रतुआ’ (Yellow Rust) की निगरानी करते रहें, क्योंकि नमी वाला मौसम इन बीमारियों को बढ़ावा दे सकता है।

आमजन के लिए सावधानी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है:

  • हृदय और श्वसन रोगी: सुबह की सैर से बचें और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें।

  • सड़क सुरक्षा: हाईवे पर यात्रा करते समय फाग लाइट का प्रयोग करें और गति सीमा का ध्यान रखें।

  • पशुपालक: दुधारू पशुओं को ठंडी हवा से बचाने के लिए पुख्ता प्रबंध करें, ताकि दूध उत्पादन पर असर न पड़े।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️