
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सबसे उत्तरी जिले श्रीगंगानगर में पिछले करीब एक सप्ताह से जारी हाड़ कंपाने वाली ठंड और भीषण शीतलहर से अब आमजन को कुछ राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हुए एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से जिले के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। आज, 17 जनवरी 2026 को सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही देखी गई है, जो इस मौसमी बदलाव का मुख्य संकेत है।
तापमान में बढ़ोतरी और शीतलहर पर ब्रेक
पिछले दिनों श्रीगंगानगर में न्यूनतम तापमान $4^{\circ}C$ से $5^{\circ}C$ के बीच बना हुआ था, जिससे खेतों में पाला जमने जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि, आज से अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में $2^{\circ}C$ से $3^{\circ}C$ तक का इजाफा होने की संभावना है।
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न्यूनतम तापमान: रात के तापमान में सुधार होने से ठिठुरन कम होगी और लोगों को रात की भीषण सर्दी से थोड़ी राहत मिलेगी।
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शीतलहर का प्रभाव: बर्फीली हवाओं की गति कम होने से ‘कोल्ड वेव’ की स्थिति फिलहाल थम गई है।
कोहरा और धुंध का साया बरकरार
भले ही न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन श्रीगंगानगर के निवासियों को घने कोहरे (Dense Fog) से पूरी तरह निजात नहीं मिली है। शनिवार सुबह जिले के कई हिस्सों में विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम दर्ज की गई।
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यातायात पर असर: कोहरे के कारण श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ हाईवे और सूरतगढ़ रोड पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। लंबी दूरी की बसें और रेलगाड़ियां भी अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं।
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बादलों का असर: पश्चिमी विक्षोभ के कारण आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे। बादलों की चादर के कारण सूरज की किरणें सीधे जमीन तक नहीं पहुंच पाएंगी, जिससे दिन के अधिकतम तापमान में $1^{\circ}C$ से $2^{\circ}C$ की गिरावट आ सकती है। इससे दिन में हल्की सिहरन महसूस होती रहेगी।
खेती-किसानी पर मौसम का प्रभाव
मौसम में आ रहे इस बदलाव का सीधा असर कृषि पर भी पड़ रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि:
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रबी की फसलें: गेहूं और सरसों की फसलों के लिए यह समय बहुत महत्वपूर्ण है। यदि तापमान में बहुत अधिक गिरावट आती है, तो पाला पड़ने का खतरा रहता है। फिलहाल तापमान में बढ़ोतरी फसलों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगी।
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सिंचाई की सलाह: किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के मिजाज को देखते हुए हल्की सिंचाई जारी रखें ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे और पौधों को पाले से बचाया जा सके।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, यह पश्चिमी विक्षोभ अपेक्षाकृत “कमजोर” श्रेणी का है, इसलिए भारी बारिश की संभावना कम है। हालांकि, जिले के कुछ ग्रामीण अंचलों में हल्की बूंदाबांदी (Drizzle) हो सकती है। 19 जनवरी के बाद एक बार फिर आसमान साफ होने की उम्मीद है, जिसके बाद उत्तर-पश्चिमी हवाएं फिर से सर्दी बढ़ा सकती हैं।
स्वास्थ्य संबंधी सावधानी
चिकित्सकों ने इस बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। कोहरे और नमी के कारण अस्थमा और सांस के मरीजों को परेशानी हो सकती है। साथ ही, बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम की ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़ों का निरंतर उपयोग करने की सलाह दी गई है।