
श्रीगंगानगर। राजस्थान का सरहदी जिला श्रीगंगानगर एक बार फिर अपनी उस पहचान की ओर लौट आया है जिसके लिए वह दुनिया भर में जाना जाता है—अत्यधिक गर्मी। आज, 27 अप्रैल 2026 को जिले में मौसम के सबसे तीखे तेवर देखने को मिले। सूर्यदेव की तल्खी और आसमान से बरसती आग ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।
आसमान से बरसती आग और चढ़ता पारा
मौसम विभाग के अनुसार, आज श्रीगंगानगर का अधिकतम तापमान $45.2^\circ\text{C}$ दर्ज किया गया, जो सामान्य से कई डिग्री अधिक है। सुबह 9 बजे से ही गर्म हवाओं (लू) ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। दोपहर होते-होते स्थिति यह हो गई कि सड़कों पर डामर पिघलने जैसी स्थिति महसूस होने लगी और लू के थपेड़ों ने लोगों का घर से निकलना मुहाल कर दिया। पिछले एक दशक के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल माह के अंत में इस तरह का उच्च तापमान जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकेतों की ओर इशारा कर रहा है।
सड़कों पर सन्नाटा और बदलती जीवनशैली
भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर शहर की मुख्य मार्केट और व्यस्ततम चौराहों पर देखने को मिला। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच शहर के हृदय स्थल कहे जाने वाले गोल बाजार, रवींद्र पथ और पब्लिक पार्क क्षेत्र में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। जो सड़कें सुबह वाहनों से अटी रहती थीं, वहां केवल इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए, जो मजबूरी में अपने चेहरे और सिर को सूती कपड़ों से लपेटकर निकलते दिखे।
व्यापारियों का कहना है कि गर्मी के कारण दोपहर के समय व्यापार ठप हो जाता है। लोग केवल शाम ढलने के बाद ही खरीदारी के लिए बाहर निकल रहे हैं। गन्ने का रस, शिकंजी और मटके के पानी की मांग में जबरदस्त उछाल आया है।
प्रशासन की मुस्तैदी और बचाव कार्य
बढ़ते तापमान और ‘येलो अलर्ट’ को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं।
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पेयजल व्यवस्था: जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार, हाईवे और मुख्य चौराहों पर स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से ठंडे पानी की छबीलें (प्याऊ) लगाई गई हैं।
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चिकित्सा विभाग अलर्ट: जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को ‘हीट स्ट्रोक’ वार्ड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों की टीम को तैनात किया गया है ताकि लू की चपेट में आने वाले मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।
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मनरेगा कार्यों में बदलाव: ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे मनरेगा कार्यों के समय में भी बदलाव की मांग उठ रही है, ताकि श्रमिक दोपहर की भीषण गर्मी से बच सकें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी (Dehydration) सबसे बड़ी चुनौती है।
“नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे जितना हो सके तरल पदार्थों का सेवन करें। कैफीन और अधिक चीनी वाले पेय पदार्थों से बचें। यदि सिरदर्द, चक्कर आना या अत्यधिक थकान महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।”
भविष्य की चेतावनी: येलो अलर्ट जारी
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, आगामी 48 घंटों तक श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर संभाग में गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय न होने के कारण शुष्क और गर्म हवाएं इसी तरह चलती रहेंगी। विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में पारा $47$ डिग्री तक भी पहुंच सकता है।
इस भीषण गर्मी ने न केवल इंसानों बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी संकट खड़ा कर दिया है। वन्यजीव प्रेमियों ने आमजन से अपील की है कि वे अपनी छतों और बालकनी में परिंडे लगाएं ताकि बेजुबान पक्षियों को इस तपती दोपहर में पानी मिल सके। कुल मिलाकर, श्रीगंगानगर के लिए आने वाले दिन अग्निपरीक्षा से कम नहीं होने वाले हैं।