
राजस्थान का ‘अन्न कटोरा’ कहा जाने वाला श्रीगंगानगर जिला इन दिनों भीषण सर्दी की चपेट में है। मरुस्थलीय इलाका होने के कारण यहाँ मौसम के दोनों छोर (अत्यधिक गर्मी और अत्यधिक ठंड) देखने को मिलते हैं, लेकिन इस साल की सर्दी ने पिछले कई रिकॉर्ड्स को चुनौती दे दी है। आज शहर का न्यूनतम तापमान 3.6°C दर्ज किया गया, जिसने पूरे जिले को “कोल्ड डे” (Cold Day) की स्थिति में धकेल दिया है।
बर्फीली हवाओं और कोहरे का तांडव
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बर्फबारी का सीधा असर श्रीगंगानगर के मैदानी इलाकों पर दिख रहा है। हिमालय की तरफ से आने वाली उत्तरी-पश्चिमी बर्फीली हवाओं ने जिले में ‘कनकनी’ बढ़ा दी है। सुबह के समय दृश्यता (Visibility) शून्य से 50 मीटर के बीच रह रही है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। घने कोहरे के कारण न केवल सड़क यातायात, बल्कि रेलवे का संचालन भी घंटों की देरी से हो रहा है।
जनजीवन पर प्रभाव
कड़ाके की ठंड ने श्रीगंगानगर के आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।
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दैनिक मजदूरी और व्यापार: सुबह देर से खुलने वाले बाजार और शाम को जल्दी होने वाले सन्नाटे ने स्थानीय व्यापार को प्रभावित किया है। दिहाड़ी मजदूरों के लिए काम पर निकलना मुश्किल हो रहा है।
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अलाव ही एकमात्र सहारा: शहर के चौराहों, रैन बसेरों और झुग्गी-बस्तियों में लोग रात-दिन अलाव जलाकर खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर लकड़ियों का इंतजाम किया गया है, लेकिन ठंड की तीव्रता के आगे यह नाकाफी साबित हो रहा है।
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स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ: अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, अस्थमा और हृदय रोगियों की संख्या में इजाफा देखा गया है। डॉक्टर बुजुर्गों और बच्चों को सुबह-शाम बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं।
कृषि क्षेत्र पर दोहरी मार
श्रीगंगानगर एक कृषि प्रधान जिला है। वर्तमान में रबी की फसलें (विशेषकर सरसों और गेहूं) खेतों में हैं। हालांकि, हल्की ठंड गेहूं के लिए वरदान मानी जाती है, लेकिन यदि तापमान जमाव बिंदु (0°C) के करीब पहुँचता है, तो पाले (Frost) का खतरा बढ़ जाता है। पाला गिरने से सरसों की फलियां सूख सकती हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों को पाले से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करें या खेतों की मेड़ों पर धुआं करें।
प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 48 घंटों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। विभाग के अनुसार, अभी शीतलहर (Cold Wave) की स्थिति बनी रहेगी और तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव और अतिरिक्त छुट्टियों के निर्देश पहले ही जारी कर दिए हैं ताकि बच्चों को इस जानलेवा ठंड से बचाया जा सके।
निष्कर्ष
श्रीगंगानगर की यह सर्दी न केवल प्रशासनिक व्यवस्थाओं की परीक्षा ले रही है, बल्कि आम आदमी के धैर्य की भी। फिलहाल सूरज की लुका-छिपी जारी है और लोग बादलों के हटने और गुनगुनी धूप का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जब तक मौसम साफ नहीं होता, तब तक सावधानी और बचाव ही इस कड़ाके की ठंड का एकमात्र समाधान है।