
1. विजिबिलिटी (Visibility) का संकट और यातायात पर असर
आज सुबह श्रीगंगानगर में कोहरे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि राष्ट्रीय राजमार्गों और शहर की मुख्य सड़कों पर दृश्यता (Visibility) घटकर 10 से 20 मीटर तक रह गई। इसके चलते वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। वाहन चालक हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर रेंगते हुए नजर आए।
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ट्रेन और बस सेवा: घने कोहरे के कारण लंबी दूरी की कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 2-3 घंटे की देरी से चल रही हैं। वहीं, राजस्थान रोडवेज और निजी बसों के समय में भी बदलाव देखा गया है।
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बॉर्डर बेल्ट: अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सटे गांवों में कोहरा और भी घना रहा, जिससे सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को गश्त के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
2. तापमान में भारी गिरावट का पूर्वानुमान
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के गुजरने के बाद अब बर्फीली उत्तरी हवाओं ने मैदानी इलाकों का रुख कर लिया है।
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न्यूनतम तापमान: श्रीगंगानगर में आज न्यूनतम तापमान 8°C से 9°C के बीच दर्ज किया गया, लेकिन आगामी 48 घंटों में इसके 5°C से 6°C तक गिरने की संभावना है।
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तापमान का ग्राफ: विशेषज्ञों का कहना है कि अगले तीन दिनों में पारे में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आ सकती है, जिससे कड़ाके की ठंड (Severe Cold) का अहसास होगा।
3. ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की स्थिति और प्रशासन की सलाह
दिन के अधिकतम तापमान में भी गिरावट आने से ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। सूरज की लुका-छिपी के कारण दिन में भी ठिठुरन कम नहीं हो रही है। जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से एडवाइजरी जारी की है:
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बुजुर्गों और बच्चों का ध्यान: हृदय और सांस के रोगियों को सुबह-शाम बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
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अलाव का सहारा: शहर के प्रमुख चौराहों और रैन बसेरों में नगर परिषद द्वारा अलाव की व्यवस्था तेज कर दी गई है।
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स्कूलों का समय: ठंड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिला कलेक्टर द्वारा स्कूलों के समय में परिवर्तन या अवकाश को लेकर भी विचार किया जा रहा है।
4. कृषि पर प्रभाव: किसानों के लिए ‘वरदान’ और ‘चिंता’
श्रीगंगानगर की मुख्य रबी फसल गेहूं और सरसों के लिए यह ठंड फिलहाल ‘वरदान’ मानी जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, कोहरा और ओस गेहूं की फसल में फुटाव के लिए बहुत लाभदायक है। हालांकि, यदि पारा जमाव बिंदु (0°C) के पास पहुंचता है, तो सरसों की फसल में ‘पाले’ (Frost) का खतरा बढ़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पाले से बचाव के लिए खेतों की मेड़ों पर धुआं करें या हल्की सिंचाई करें।
निष्कर्ष
दिसंबर का अंतिम सप्ताह श्रीगंगानगर के लिए ‘विंटर टॉर्चर’ लेकर आया है। जहां एक ओर कोहरे ने रफ्तार रोकी है, वहीं दूसरी ओर कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है। आने वाले नए साल के स्वागत तक ठंड के तेवर और भी तीखे रहने की उम्मीद है।