
लापता बैंक मैनेजर की दर्दनाक तलाश
राजस्थान के श्रीगंगानगर शहर में उस समय हड़कंप मच गया, जब पिछले दो दिनों से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता चल रहे एक बैंक मैनेजर का शव उनकी ही लग्जरी कार के भीतर बरामद हुआ। इस घटना की सूचना फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर लोगों का भारी हुजूम इकट्ठा हो गया। मृतक की पहचान शहर के ही एक प्रतिष्ठित बैंक में कार्यरत शाखा प्रबंधक (बैंक मैनेजर) के रूप में हुई है, जो दो दिन पहले अपने घर से बैंक जाने के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की और अंततः पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि इस तलाश का इतना खौफनाक और दर्दनाक अंत होगा।
घटनास्थल का हैरान कर देने वाला मंजर
यह मामला साधारण मौत का नहीं, बल्कि गहरी साजिश या एक बेहद पेचीदा हादसे की ओर इशारा कर रहा है। घटना की सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि जिस कार में शव मिला, वह चारों तरफ से पूरी तरह से लॉक (बंद) थी। कार के सभी शीशे चढ़े हुए थे और इंजन के साथ-साथ कार का एयर कंडीशनर (AC) भी चालू हालत में था। कार के भीतर बैंक मैनेजर चालक दल की सीट पर अचेत अवस्था में पड़े हुए थे।
राहगीरों को जब एक ही जगह लंबे समय से खड़ी कार और उसके अंदर बेसुध पड़े व्यक्ति पर शक हुआ, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब कार का दरवाजा खोलने की कोशिश की तो वह अंदर से लॉक था, जिसके बाद बड़ी मशक्कत से कार का शीशा तोड़कर गेट खोला गया। जांच करने पर पता चला कि बैंक मैनेजर की सांसें काफी पहले ही थम चुकी थीं।
जांच के केंद्र में तीन थ्योरी: हादसा, खुदकुशी या हत्या?
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर तुरंत स्थानीय राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया और एफएसएल (FSL) की टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस फिलहाल इस पूरी घटना को एक गहरे रहस्य के रूप में देख रही है और उसकी जांच मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर टिकी हुई है:
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क्या यह एक तकनीकी हादसा (Suffocation) है? अक्सर देखा जाता है कि बंद कार में लंबे समय तक एसी चलाकर सोने या बैठने से कार के अंदर ‘कार्बन मोनोऑक्साइड’ (CO) जैसी जहरीली गैस रिसने लगती है। इस गैस की खासियत यह होती है कि इसकी कोई गंध नहीं होती, जिससे इंसान को धीरे-धीरे गहरी नींद आ जाती है और दम घुटने से उसकी मौत हो जाती है। पुलिस इस बात की तकनीकी जांच करवा रही है कि क्या कार के साइलेंसर या एसी वेंट में कोई खराबी थी।
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क्या मामला सोची-समझी आत्महत्या का है? पुलिस बैंक मैनेजर के पारिवारिक और कामकाजी बैकग्राउंड को भी खंगाल रही है। क्या वे किसी प्रकार के वित्तीय दबाव, बैंक के किसी बड़े कर्ज, घपले या किसी मानसिक तनाव से गुजर रहे थे? क्या उन्होंने जानबूझकर जहरीली गैस या किसी अन्य पदार्थ का सेवन कर कार के अंदर जान दी? हालांकि, कार से अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
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या फिर यह एक शातिर तरीके से की गई हत्या है? पुलिस इस कोण को भी खारिज नहीं कर रही है। क्या बैंक मैनेजर की दुश्मनी किसी से थी? क्या किसी ने उन्हें जबरन कोई नशीला पदार्थ खिलाकर या जहर देकर कार में बंद कर दिया और एसी चालू करके छोड़ दिया ताकि यह एक सामान्य हादसा लगे?
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, पुलिस खंगाल रही CCTV
बैंक मैनेजर की मौत की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि हंसता-खेलता इंसान अचानक इस दुनिया से चला गया। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
थाना प्रभारी का आधिकारिक बयान: “शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का खुलासा हो पाएगा। हमने बैंक मैनेजर के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स (CDR) और कार जिस इलाके में खड़ी थी, वहां के पिछले 48 घंटों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं ताकि यह पता चल सके कि कार वहां कब आई और उस वक्त कार में कौन-कौन मौजूद था।”
इस रहस्यमयी मौत ने पूरे श्रीगंगानगर को झकझोर कर रख दिया है। अब शहरवासियों और पुलिस दोनों को पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजों का बेसब्री से इंतजार है, जिससे इस बंद कार का राज खुल सके।