
श्रीगंगानगर, 3 जनवरी 2026: राजस्थान का उत्तरी छोर, श्रीगंगानगर, इन दिनों कड़ाके की ठंड और हाड़ कंपाने वाली शीतलहर की चपेट में है। नए साल के आगाज के साथ ही जिले में मौसम के मिजाज बेहद सख्त हो गए हैं। घने कोहरे और गिरते पारे को देखते हुए जिला प्रशासन और मौसम विभाग ने आमजन के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए जिला कलेक्टर ने छोटे बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर जिले की तमाम आंगनबाड़ियों में 10 जनवरी तक छुट्टियों की घोषणा कर दी है।
कोहरे की चादर में लिपटा सीमावर्ती जिला
आज सुबह श्रीगंगानगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दृश्यता (Visibility) शून्य से 20 मीटर के बीच दर्ज की गई। घने कोहरे के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई और वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर रेंगना पड़ा। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज जिले का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया गया, जबकि दिन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से काफी नीचे रहने की संभावना है।
छोटे बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: कलेक्टर का आदेश
ठंड के बढ़ते प्रकोप का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। आंगनबाड़ियों में आने वाले बच्चों की आयु बहुत कम होती है, जिन्हें सुबह-सुबह घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक हो सकता है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर ने एक आधिकारिक आदेश जारी किया है:
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अवकाश की अवधि: जिले के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त आंगनबाड़ी केंद्र 10 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे।
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उद्देश्य: बच्चों को निमोनिया, सर्दी-जुकाम और शीतलहर के सीधे प्रभाव से बचाना।
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पोषण आहार: अवकाश के दौरान बच्चों के पोषण का ध्यान रखते हुए सूखा राशन (Take Home Ration) वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उनकी डाइट प्रभावित न हो।
कृषि और आम जनजीवन पर प्रभाव
जहाँ एक ओर कड़ाके की ठंड रबी की फसल (विशेषकर गेहूं) के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, वहीं पाला (Frost) पड़ने की आशंका ने सरसों और सब्जी उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे पाले से बचाव के लिए खेतों की मेड़ों पर धुआं करें या हल्की सिंचाई करें।
शहरी इलाकों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं। नगर परिषद द्वारा रैन बसेरों में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि बेघर लोगों को रात की कड़कड़ाती ठंड से राहत मिल सके।
अगले 48 घंटों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग की मानें तो अभी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। अगले 48 घंटों में ‘सीवियर कोल्ड डे’ (अत्यधिक ठंडा दिन) की स्थिति बनी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि:
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बेवजह घर से बाहर न निकलें।
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गर्म कपड़ों की कई परतें पहनें।
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गाड़ी चलाते समय कोहरे की लाइट का प्रयोग करें और गति धीमी रखें।
प्रशासनिक नोट: यदि शीतकालीन परिस्थितियों में सुधार नहीं होता है, तो स्कूलों के समय में परिवर्तन या प्राथमिक कक्षाओं की छुट्टियों को और आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल, 10 जनवरी तक आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्पष्ट निर्देश लागू हैं।