
श्रीगंगानगर: राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में तेज रफ्तार और लापरवाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार की शाम जिले के लिए अमंगलकारी साबित हुई, जहाँ दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए भीषण सड़क हादसों में दो व्यक्तियों की अकाल मृत्यु हो गई। इन हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहनों की अनियंत्रित गति पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
पहला हादसा: घमूड़वाली में अज्ञात वाहन ने ली बुजुर्ग की जान
पहली घटना घमूड़वाली थाना क्षेत्र की है, जहाँ शाम के समय एक तेज रफ्तार बोलेरो कैंपर ने सड़क पर चलते एक राहगीर को अपनी चपेट में ले लिया। जानकारी के अनुसार, 55 वर्षीय राम कुमार नायक पुत्र सुल्तान राम नायक अपने किसी काम से जा रहे थे, तभी अचानक सामने से आ रही एक अज्ञात बोलेरो कैंपर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि राम कुमार उछलकर सड़क के किनारे जा गिरे और उन्हें सिर व शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और घायल राम कुमार को नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस की कार्रवाई: घमूड़वाली पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के बाद बोलेरो चालक मौके से वाहन लेकर फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी वाहन की पहचान की जा सके। मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
दूसरा हादसा: चूनावढ़ में कैंटर की चपेट में आया युवक
वहीं, दूसरी हृदय विदारक घटना चूनावढ़ थाना क्षेत्र से सामने आई है। यहाँ एक अनियंत्रित कैंटर ने बाइक सवार या पैदल जा रहे (प्रारंभिक सूचना के आधार पर) 33 वर्षीय सुभाषचंद्र नायक को कुचल दिया। चश्मदीदों के मुताबिक, कैंटर की गति काफी अधिक थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया।
सुभाषचंद्र की मौके पर ही हालत अत्यंत गंभीर हो गई थी। राहगीरों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महज 33 वर्ष की आयु में सुभाषचंद्र की मृत्यु से उनके पीछे उनका पूरा परिवार बिखर गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है।
बढ़ते हादसों पर चिंता और प्रशासन की चुनौती
श्रीगंगानगर जिले में पिछले कुछ महीनों में सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में तेजी से वृद्धि देखी गई है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों और लिंक सड़कों पर ओवरस्पीडिंग और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही जानलेवा साबित हो रही है।
मुख्य कारण:
-
ओवरस्पीडिंग: जिले की चौड़ी और सुनसान सड़कों पर चालक अक्सर निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करते हैं।
-
अंधेरे और धुंध का प्रभाव: शाम के समय विजिबिलिटी कम होने के कारण भी हादसे बढ़ रहे हैं।
-
ट्रैफिक नियमों की अनदेखी: बिना हेलमेट और बिना इंडिकेटर के वाहन मोड़ना भी हादसों को न्योता दे रहा है।
निष्कर्ष
ये दोनों ही हादसे हमें सचेत करते हैं कि सड़क पर चलते समय एक छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी कीमत मांग सकती है। राम कुमार और सुभाषचंद्र, दोनों ही अपने परिवारों के महत्वपूर्ण सदस्य थे, जिनकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकेगी। प्रशासन को चाहिए कि वे ब्लैक स्पॉट्स (जहाँ हादसे अधिक होते हैं) की पहचान करें और वहाँ गति अवरोधक या चेतावनी बोर्ड लगाएं।
पुलिस ने दोनों मामलों में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और फरार वाहनों की तलाश जारी है। स्थानीय निवासियों ने माँग की है कि शाम के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और तेज रफ्तार वाहनों पर नकेल कसी जाए।