
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में पिछले कुछ दिनों से कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से मिल रही मामूली राहत अब एक नए संकट में बदल सकती है। मौसम विभाग (IMD) ने एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण श्रीगंगानगर सहित उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। आज, 22 जनवरी को सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है, जिससे दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव और मौसम विभाग की चेतावनी
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय हुए इस नए विक्षोभ के कारण मैदानी इलाकों के वायुमंडल के निचले स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण तंत्र विकसित हुआ है। इसका सीधा असर श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और जैसलमेर जैसे जिलों पर देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान जिले में निम्नलिखित बदलावों की संभावना जताई है:
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हल्की से मध्यम बारिश: गरज-चमक के साथ जिले के कुछ हिस्सों में छिटपुट वर्षा हो सकती है।
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आंधी और धूल भरी हवाएं: 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलने का अनुमान है।
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तापमान में गिरावट: बारिश और बादलों के कारण दिन का अधिकतम तापमान गिर सकता है, जिससे ‘डे-कोल्ड’ (Day Cold) की स्थिति बन सकती है।
किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
मौसम में यह बदलाव खेती-किसानी के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आता है। वर्तमान में श्रीगंगानगर के खेतों में गेहूं, सरसों और चने की फसलें लहलहा रही हैं।
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सरसों और चने को खतरा: इस समय सरसों की फसल पकने की स्थिति में है। यदि तेज हवाओं (आंधी) के साथ बारिश होती है, तो सरसों की फसल गिर सकती है, जिससे पैदावार में भारी कमी आने की आशंका है। इसके अलावा, ओलावृष्टि की संभावना से भी किसान डरे हुए हैं।
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गेहूं के लिए फायदेमंद: हल्की बूंदाबांदी गेहूं की फसल के लिए ‘अमृत’ के समान मानी जाती है, क्योंकि इससे पौधों को प्राकृतिक नाइट्रोजन मिलती है और ठंड बढ़ने से दाने की गुणवत्ता बेहतर होती है।
आम जनजीवन पर असर
बारिश और ठंडी हवाओं के सक्रिय होने से एक बार फिर से सर्दी के तेवर तीखे हो जाएंगे। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि बदलते मौसम के कारण बच्चों और बुजुर्गों में श्वसन संबंधी बीमारियां, सर्दी-जुकाम और बुखार का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और बिजली कड़कने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
विशेषज्ञों की राय और आगामी पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस विक्षोभ के गुजर जाने के बाद, उत्तरी हवाओं के कारण रात के तापमान में फिर से 2 से 4 डिग्री की गिरावट आएगी, जिससे ‘शीतलहर’ (Cold Wave) का दौर दोबारा शुरू हो सकता है। 24 जनवरी के बाद मौसम के साफ होने की संभावना है, लेकिन तब तक कोहरे का घनत्व भी बढ़ सकता है।