
श्रीगंगानगर और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए नए साल का स्वागत इस बार सर्द हवाओं और हल्की बारिश के साथ होने जा रहा है। राजस्थान मौसम विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि एक नया और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्रों और उत्तर-पश्चिमी भारत की ओर बढ़ रहा है। इसका सीधा असर श्रीगंगानगर सहित पूरे बीकानेर संभाग पर पड़ने वाला है।
पश्चिमी विक्षोभ और ‘मावठ’ का संयोग
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 30 दिसंबर की रात से ही वायुमंडल में बदलाव दिखने शुरू हो जाएंगे। 31 दिसंबर की सुबह से आसमान में घने बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी, जिससे दिन के तापमान में गिरावट आएगी। नए साल की पूर्व संध्या और 1 जनवरी को जिले के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बूंदाबांदी या ‘मावठ’ होने की प्रबल संभावना है।
मावठ क्या है और क्यों है खास?
सर्दियों में होने वाली इस बारिश को राजस्थान में ‘मावठ’ कहा जाता है। यह बारिश रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं, सरसों और चने के लिए ‘अमृत’ के समान मानी जाती है। श्रीगंगानगर एक कृषि प्रधान जिला है, ऐसे में किसानों के चेहरे खिल उठे हैं क्योंकि यह प्राकृतिक सिंचाई फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होती है।
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का डबल अटैक
बारिश के थमते ही मौसम का मिजाज और भी सख्त होने वाला है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 2 जनवरी से हवाओं की दिशा बदलेगी और उत्तरी पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाएं (शीतलहर) मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा देंगी।
-
विजिबिलिटी पर असर: जनवरी के पहले सप्ताह में श्रीगंगानगर ‘जीरो विजिबिलिटी’ का सामना कर सकता है। घना कोहरा छाने से हाईवे पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने और फॉग लाइट का उपयोग करने की सलाह दी है।
-
तापमान में गिरावट: कयास लगाए जा रहे हैं कि न्यूनतम तापमान $2^\circ\text{C}$ से $4^\circ\text{C}$ तक गिर सकता है, जिससे पाला (Frost) जमने की स्थिति भी बन सकती है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सुझाव
ठंड के इस बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। अचानक होने वाली बारिश और फिर गिरते तापमान से वायरल इन्फेक्शन और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
| संभावित तिथि | मौसम की स्थिति | अनुमानित प्रभाव |
| 31 दिसंबर | बादल छाए रहना | दिन के तापमान में कमी |
| 01 जनवरी | हल्की बारिश (मावठ) | फसलों के लिए फायदेमंद, ठिठुरन |
| 02-05 जनवरी | घना कोहरा व शीतलहर | यातायात में बाधा, कड़ाके की ठंड |
निष्कर्ष
श्रीगंगानगर के निवासियों के लिए यह नया साल मौज-मस्ती के साथ-साथ सावधानी बरतने का भी समय है। जहां एक ओर मावठ किसानों के लिए खुशहाली लेकर आएगी, वहीं दूसरी ओर आमजन को कड़ाके की ठंड के लिए तैयार रहना होगा।