
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर और आसपास के उत्तरी इलाकों में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 मार्च 2026 से एक नए और प्रभावशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की आधिकारिक चेतावनी जारी की है। इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा।
दोपहर के बाद बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार की सुबह की शुरुआत सामान्य धूप के साथ हुई है, लेकिन दोपहर बाद वायुमंडल के दबाव में बदलाव आने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती तंत्र) बनने के कारण धूल भरी आंधी चलने के पूरे आसार हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि श्रीगंगानगर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यह आंधी इतनी तीव्र हो सकती है कि दृश्यता (Visibility) कम हो जाएगी, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आंधी के तुरंत बाद स्थानीय स्तर पर मेघ गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की भी प्रबल संभावना है।
तापमान का गणित: गर्मी से आंशिक राहत
पिछले कुछ दिनों से श्रीगंगानगर में पारा लगातार ऊपर चढ़ रहा था। शनिवार को अधिकतम तापमान 35°C के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि, दोपहर बाद चलने वाली हवाओं और संभावित बूंदाबांदी के कारण शाम तक तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। यह बारिश लोगों को चिलचिलाती गर्मी से अस्थायी राहत तो देगी, लेकिन हवा में नमी बढ़ने से रात के समय उमस का अनुभव भी हो सकता है।
किसानों के लिए चिंता की लकीरें
यह मौसम विभाग का अलर्ट आम जनता के लिए भले ही गर्मी से राहत लेकर आए, लेकिन अन्नदाताओं के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण है। मार्च का अंत श्रीगंगानगर में रबी की फसलों (विशेषकर गेहूं और सरसों) की कटाई और थ्रेसिंग का पीक सीजन होता है।
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खड़ी फसलों को खतरा: तेज आंधी के कारण खेतों में खड़ी पकी हुई गेहूं की फसल के गिरने का डर है।
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मंडियों में असुरक्षित उपज: जो किसान अपनी फसल काटकर अनाज मंडियों में ले जा चुके हैं, उनके लिए भी यह बारिश आफत बन सकती है। खुले आसमान के नीचे पड़ा अनाज भीगने से उसकी गुणवत्ता और भाव पर बुरा असर पड़ सकता है।
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कृषि विशेषज्ञों की सलाह: कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें। यदि संभव हो तो थ्रेसिंग के काम को मौसम साफ होने तक टाल दें या तिरपाल का पुख्ता प्रबंध रखें।
प्रशासनिक सतर्कता और सावधानी
मौसम की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर है। बिजली विभाग को निर्देशित किया गया है कि तेज आंधी के दौरान शॉर्ट सर्किट और जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए एहतियातन बिजली कटौती की जा सकती है।
आमजन के लिए जरूरी सुझाव:
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आंधी के दौरान कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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दोपहिया वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि आंधी शुरू होते ही सुरक्षित स्थान पर रुक जाएं।
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घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें ताकि धूल और मिट्टी अंदर न आए।
निष्कर्ष
श्रीगंगानगर का यह क्षेत्र अपनी विषम भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है, जहाँ मार्च के अंत में मौसम की ऐसी अनिश्चितता अक्सर देखी जाती है। हालांकि यह पश्चिमी विक्षोभ अल्पकालिक बताया जा रहा है, लेकिन इसकी तीव्रता 28 मार्च की शाम तक जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। आगामी 24 घंटों तक श्रीगंगानगरवासियों को मौसम के हर अपडेट पर नजर रखने की आवश्यकता है।