
बदलते मौसम का परिदृश्य
राजस्थान के उत्तरी छोर पर स्थित श्रीगंगानगर, जो अपनी भीषण ठंड और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के लिए जाना जाता है, एक बार फिर मौसम के बड़े बदलाव का गवाह बन रहा है। 11 फरवरी 2026 को जिले के तापमान में अचानक आई तेजी ने यह संकेत दे दिया है कि इस साल सर्दियां समय से पहले विदा लेने की तैयारी में हैं। पिछले कुछ दिनों तक ठिठुरन भरी हवाओं का सामना कर रहे शहरवासियों को अब दिन की धूप तीखी लगने लगी है।
तापमान के आंकड़े: दिन और रात के अंतर में कमी
आज के मौसम विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो श्रीगंगानगर में पारे की चाल ने सबको चौंका दिया है:
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अधिकतम तापमान: आज दिन का पारा 26°C तक जा पहुंचा। यह सामान्य से कुछ डिग्री अधिक दर्ज किया गया है।
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न्यूनतम तापमान: रात और अलसुबह का तापमान भी अब 11°C पर स्थिर हो गया है, जिससे रात के समय होने वाली अत्यधिक कनकनी से राहत मिली है।
यह तापमान दर्शाता है कि अब दिन के समय गर्म कपड़ों की आवश्यकता लगभग खत्म हो गई है, हालांकि सुबह और शाम की हल्की गुलाबी ठंड अभी भी बनी हुई है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान: आने वाले दिन होंगे गर्म
मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार, वर्तमान में क्षेत्र के वायुमंडल में किसी भी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का अभाव है। इसके परिणामस्वरूप, आसमान बिल्कुल साफ है और सूरज की किरणें सीधे धरातल पर पहुंच रही हैं।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले 48 से 72 घंटों में तापमान में $2$ से $3$ डिग्री की और वृद्धि हो सकती है। यदि हवाओं की दिशा दक्षिण-पश्चिमी रहती है, तो फरवरी के मध्य तक श्रीगंगानगर का अधिकतम तापमान $30$ डिग्री के स्तर को भी छू सकता है।
आम जनजीवन और कृषि पर प्रभाव
मौसम में आए इस अचानक बदलाव का सीधा असर जिले के जनजीवन और विशेषकर कृषि पर देखने को मिल रहा है:
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कृषि और फसलें: श्रीगंगानगर एक कृषि प्रधान जिला है। वर्तमान में यहाँ गेहूं और सरसों की फसलें पकने की ओर अग्रसर हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान इसी तरह अचानक बढ़ता रहा, तो गेहूं की फसल के दाने समय से पहले सूख सकते हैं, जिससे पैदावार पर असर पड़ सकता है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे नमी बनाए रखने के लिए सिंचाई का उचित प्रबंधन करें।
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स्वास्थ्य पर असर: बदलते मौसम के कारण ‘सीजनल फ्लू’ और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंड के कारण लोगों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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बाजार की हलचल: बाजारों में अब ऊनी कपड़ों की सेल खत्म हो रही है और कॉटन के कपड़ों व ठंडे पेय पदार्थों की मांग धीरे-धीरे बढ़ने लगी है।
निष्कर्ष
श्रीगंगानगर में 11 फरवरी का यह मौसम इस बात का प्रमाण है कि जलवायु परिवर्तन के दौर में मौसम के मिजाज अब अनिश्चित होते जा रहे हैं। जहां एक ओर ठंड से राहत मिलना सुकून भरा है, वहीं फरवरी की शुरुआत में ही 26°C का तापमान आने वाली भीषण गर्मी की चेतावनी भी दे रहा है।